ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाने लगा है। इस बीच विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। रविवार (22 फरवरी) को कोलकाता के साइंस सिटी में आयोजित बीजेपी महिला मोर्चा सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अगर मई में बीजेपी की सरकार बनती है, तो जून से महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 3000 रुपये भेजे जाएंगे।
उन्होंने मंच से कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने यह फैसला किया है और इसे चुनावी संकल्प पत्र में भी शामिल किया जाएगा। उनका दावा था कि सरकार बनते ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।
साइंस सिटी में हुआ बड़ा सम्मेलन
कोलकाता के साइंस सिटी में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं। मंच से बोलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह योजना सीधे महिलाओं के खातों में पैसा ट्रांसफर करने की होगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर अप्रैल के अंत तक हमारी सरकार बनी, तो मई में प्रक्रिया शुरू होगी और जून से 3000 रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे।”
बीजेपी का दावा है कि यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी और परिवार की आय में सीधा सहयोग देगी।
उज्ज्वला योजना का भी जिक्र
अपने भाषण में सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्ज्वला योजना के तहत पश्चिम बंगाल की करीब 1 करोड़ 29 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिला है।
हालांकि उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उज्ज्वला-3 योजना को सही तरीके से लागू नहीं होने दिया गया। उनका कहना था कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो 25 लाख और महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाएगा।
बीजेपी इस मुद्दे को महिलाओं की सुविधा और सम्मान से जोड़कर पेश कर रही है।
तृणमूल का पलटवार
इस सम्मेलन को लेकर सत्ताधारी All India Trinamool Congress (TMC) ने बीजेपी पर निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा कि साइंस सिटी जैसा बड़ा हॉल लेने की क्या जरूरत थी, जब आधी कुर्सियां खाली थीं।
तृणमूल नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सिर्फ बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जिन राज्यों में उसकी सरकार है, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।
TMC का कहना है कि महिलाओं का भरोसा सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी काम से जीता जाता है।
महिला वोटरों पर खास नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटरों को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में महिला मतदाता निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
बीजेपी जहां 3000 रुपये की मासिक सहायता और उज्ज्वला योजना जैसे मुद्दों को आगे रख रही है, वहीं तृणमूल अपनी मौजूदा सामाजिक योजनाओं और संगठनात्मक पकड़ के दम पर मैदान में है।
स्पष्ट है कि आने वाले महीनों में महिला मतदाताओं को लेकर सियासी मुकाबला और तेज होगा। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने तरीके से महिलाओं के बीच भरोसा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि चुनावी वादे और राजनीतिक रणनीतियां जमीन पर कितना असर डालती हैं और महिला मतदाता किस पर अपना भरोसा जताती हैं।
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