ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। IPL के पूर्व कमिश्नर ने मौजूदा फॉर्मेट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे BCCI और फ्रेंचाइजी को हर सीजन करीब 2400 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि IPL का मौजूदा ढांचा वह नहीं है, जैसा शुरुआत में तैयार किया गया था।
होम-एंड-अवे सिस्टम पर सवाल
पूर्व कमिश्नर के अनुसार, IPL की असली योजना होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर आधारित थी, जिसमें हर टीम को दूसरी टीमों के साथ दो-दो मैच खेलने थे। उन्होंने बताया कि जब 2022 में लीग में 10 टीमें शामिल हुईं, तो योजना के अनुसार 90 लीग मैच और 4 नॉकआउट मैच होने चाहिए थे। लेकिन बाद में फॉर्मेट बदल दिया गया और सिर्फ 74 लीग मैच ही रखे गए, जिससे मैचों की संख्या कम हो गई।
कम मैचों से हो रहा बड़ा नुकसान
उन्होंने दावा किया कि हर मैच से मिलने वाली कमाई का बंटवारा BCCI और टीमों के बीच 50-50 होता है। कम मैच होने के कारण फ्रेंचाइजियों को लगभग 20 मैचों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अगर मैच ज्यादा होते तो मीडिया राइट्स से बड़ी कमाई हो सकती थी और टीमों की वैल्यू भी बढ़ती।
2400 करोड़ की अतिरिक्त कमाई का दावा
पूर्व कमिश्नर ने यह भी दावा किया कि अगर IPL में 94 मैच होते और हर मैच की कीमत लगभग 118 करोड़ रुपए मानी जाती, तो BCCI को लगभग 2400 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होती। इस मॉडल के तहत फ्रेंचाइजियों को भी करीब 1200 करोड़ रुपए का फायदा होता, जिससे हर टीम को औसतन 120 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिल सकते थे।
क्या सभी टीमों की सहमति थी?
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या IPL के इस बदले हुए फॉर्मेट पर सभी टीमों की सहमति ली गई थी। उनके अनुसार, ऐसा लग नहीं रहा कि सभी फ्रेंचाइजियों ने इस बदलाव को मंजूरी दी होगी। उन्होंने दोहराया कि IPL को जिस मॉडल के साथ लॉन्च किया गया था, वर्तमान सिस्टम उससे काफी अलग है।
ललित मोदी का जिक्र और पुराना विवाद
इस चर्चा के बीच IPL के पहले कमिश्नर Lalit Modi का भी जिक्र सामने आया। Lalit Modi को 2010 में IPL के तीसरे सीजन के बाद BCCI द्वारा सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद वे भारत छोड़कर लंदन चले गए। उन पर खिलाड़ियों की बोली में हेराफेरी, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।
IPL को लेकर उठे इस नए विवाद ने एक बार फिर लीग के फॉर्मेट और कमाई मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व कमिश्नर का दावा है कि अगर पुराना होम-एंड-अवे सिस्टम लागू रहता, तो लीग की कमाई और भी ज्यादा हो सकती थी। अब देखना होगा कि BCCI या IPL प्रबंधन इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
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