ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
चंडीगढ़ की युवा तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम में उनका नाम शामिल होना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। खास बात यह है कि नंदनी को बिना किसी इंटरनेशनल मैच खेले सीधे वर्ल्ड कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता के लिए चुना गया है, जो उनकी प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है।
WPL में दिखाया दम, अब वर्ल्ड कप की तैयारी
नंदनी शर्मा पहले ही विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक भी ली थी, जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर खींचा। टीम में चयन के बाद नंदनी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह इस पल को शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं। उनके अंदर उत्साह के साथ-साथ थोड़ी घबराहट भी है, जो किसी भी नए खिलाड़ी के लिए स्वाभाविक है।
बचपन से क्रिकेट का जुनून
नंदनी का क्रिकेट सफर बचपन में ही शुरू हो गया था। उन्होंने 8-9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित एकेडमी में ट्रेनिंग ली। उनके कोच राजेश पाठक ने उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं। स्कूल के दिनों में भी उन्होंने क्रिकेट और पढ़ाई दोनों को संतुलित तरीके से संभाला। उन्होंने सेक्रेड हार्ट स्कूल से पढ़ाई पूरी की और साथ ही क्रिकेट में लगातार मेहनत जारी रखी।
परिवार का मिला पूरा साथ
नंदनी की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं और उन्होंने हमेशा बेटी को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। नंदनी बताती हैं कि उनके माता-पिता उनकी सफलता पर बेहद खुश और गर्व महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार, माता-पिता को खुश देखना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
बुमराह और कप्प हैं रोल मॉडल
नंदनी शर्मा भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अपना आदर्श मानती हैं। इसके अलावा, महिला क्रिकेट में वह मारिजैन कप्प से भी काफी प्रेरित हैं। उनका सपना है कि वह टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन करें और देश के लिए वर्ल्ड कप जीतने में अहम भूमिका निभाएं।
चोट के बाद वापसी की कहानी
नंदनी का सफर आसान नहीं रहा। थाईलैंड में इंडिया-ए के लिए खेलते समय उन्हें चोट लग गई थी, जिससे वह कुछ घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेल पाईं। यह उनके लिए एक मुश्किल दौर था, लेकिन परिवार और दोस्तों के समर्थन से उन्होंने वापसी की। अब सीधे वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाना उनके लिए एक खास और भावुक पल है।
नंदनी शर्मा की कहानी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है। बिना इंटरनेशनल अनुभव के वर्ल्ड कप टीम में चयन यह दिखाता है कि अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो मौके जरूर मिलते हैं। अब सभी की नजरें उनके प्रदर्शन पर होंगी, जहां वह देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगी।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!