ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित कैला भट्टा इलाके में हाल ही में एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया। 1 मई 2026 की शाम को जब स्थानीय लोग 9 दिनों की देवी यात्रा पूरी करके मंदिर से घर लौट रहे थे, तभी एक छोटी सी बात पर विवाद शुरू हो गया और मामला पथराव व मारपीट तक पहुंच गया।
क्या था पूरा मामला?
छोटा कैला इलाके के कुछ लोग देवी मंदिर से ज्योत और प्रसाद लेकर अपने घर जा रहे थे। मंदिर से उनका घर महज 100 मीटर दूर था। रास्ते में स्कूटी पर प्रसाद ले जा रहे व्यक्ति से सामने खड़े कुछ लड़कों से टकराव हो गया। छोटी सी कहासुनी शुरू हुई, लेकिन जल्द ही एक युवक 'जैद' ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गर्मागर्मी बढ़ गई और पत्थरबाजी व मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने इस दौरान हमला किया और पथराव किया। इस घटना में एक छोटे बच्चे समेत 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया। थोड़ी देर बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पहले 10 आरोपियों को जेल भेजा गया था। सोमवार शाम को तीन और आरोपियों — फारुक पुत्र वली मोहम्मद, उमर पुत्र वली मोहम्मद और मोहम्मद जैद पुत्र फारुख को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। तीनों कैला भट्टा इलाके के ही रहने वाले हैं।
पुलिस ने सभी घायलों को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
इलाके में कैसा है माहौल?
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। कई लोग पूछ रहे हैं कि धार्मिक यात्रा के दौरान शांति भंग करने की कोशिश क्यों की गई? वहीं पुलिस का कहना है कि छोटी सी गलतफहमी को कुछ असामाजिक तत्वों ने भड़का दिया।
शांति बनाए रखना जरूरी
ऐसी घटनाएं समाज में दरार पैदा करती हैं। गाजियाबाद जैसे घनी आबादी वाले शहर में दोनों समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखना बहुत जरूरी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला आगे बढ़ने से बच गया, लेकिन घायलों को न्याय मिलना चाहिए।प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्ती बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक जुलूस या यात्रा बिना डर के निकल सके। उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और इलाके में फिर से शांति बहाल हो जाएगी।
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