ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में रोहित यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। रोहित ने अपने अंतिम प्रयास में 87.05 मीटर का शानदार थ्रो किया और न केवल प्रतियोगिता जीती, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। रोहित का यह प्रदर्शन कई मायनों में खास रहा। उन्होंने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड तोड़ा, मीट रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और इस सीजन में भारत के सबसे लंबे थ्रोअर भी बन गए।
आखिरी प्रयास में पलटा मुकाबला
जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता के दौरान रोहित यादव शुरुआत में अपनी लय हासिल नहीं कर पा रहे थे। उनके शुरुआती पांच प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। लेकिन जब अंतिम थ्रो की बारी आई, तो उन्होंने बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करते हुए 87.05 मीटर दूर भाला फेंक दिया। इस एक थ्रो ने उन्हें सीधे गोल्ड मेडल दिला दिया और स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस सीजन में भारत का सबसे लंबा थ्रो
87.05 मीटर का यह थ्रो रोहित यादव के करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले उनका पर्सनल बेस्ट 83.04 मीटर था, जिसे उन्होंने 2023 में बनाया था।इतना ही नहीं, उन्होंने प्रतियोगिता का पुराना मीट रिकॉर्ड 84.35 मीटर भी तोड़ दिया। इस प्रदर्शन के साथ रोहित इस सीजन में भारत की ओर से सबसे लंबा थ्रो करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
विश्व रैंकिंग में भी शानदार छलांग
रोहित यादव का यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी अहम माना जा रहा है। 87.05 मीटर के थ्रो के साथ वह इस सीजन के विश्व प्रदर्शन की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे केवल श्रीलंका के रमेश थरंगा पथिरगे हैं, जिन्होंने 92.62 मीटर का थ्रो किया है। भारतीय स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस सूची में 85.69 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर हैं। इससे साफ है कि रोहित ने विश्व स्तर पर भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
रोहित ने बताया सफलता का राज
प्रतियोगिता के बाद रोहित यादव ने कहा कि वह पिछले कुछ समय से अभ्यास के दौरान लगातार 86 से 87 मीटर तक भाला फेंक रहे थे। हालांकि प्रतियोगिताओं में वह उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पा रहे थे। उन्होंने बताया कि शुरुआती प्रयासों में सही रिदम नहीं मिल रही थी, लेकिन अंतिम थ्रो से पहले उन्होंने खुद को शांत रखा और पूरी ताकत के साथ प्रयास किया। इसका परिणाम 87.05 मीटर के शानदार थ्रो के रूप में सामने आया। रोहित ने कहा कि यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ाएगा और अब उनका लक्ष्य आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करना है।
एशियन गेम्स 2026 का टिकट हुआ पक्का
इस शानदार प्रदर्शन के साथ रोहित यादव ने एशियन गेम्स 2026 के लिए निर्धारित क्वालिफिकेशन मार्क भी हासिल कर लिया है। ऐसे में अब वह अगले साल होने वाले महाद्वीपीय खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। रोहित के अलावा यशवीर सिंह और सचिन यादव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स का क्वालिफिकेशन हासिल किया।
यशवीर और सचिन ने भी किया प्रभावित
पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में यशवीर सिंह ने 83.72 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि सचिन यादव ने 82.32 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स 2026 के लिए जरूरी क्वालिफिकेशन मार्क हासिल कर लिया है। इससे भारतीय जेवलिन टीम और भी मजबूत नजर आ रही है।
भारतीय जेवलिन थ्रो के लिए अच्छी खबर
पिछले कुछ वर्षों में नीरज चोपड़ा की सफलता के बाद भारत में जेवलिन थ्रो का स्तर लगातार ऊंचा हुआ है। अब रोहित यादव, यशवीर सिंह और सचिन यादव जैसे खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत चुनौती देने के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं। रोहित यादव का 87.05 मीटर का थ्रो इस बात का संकेत है कि भारत के पास अब एक नहीं, बल्कि कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मंच पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं। यदि यही प्रदर्शन जारी रहा, तो एशियन गेम्स 2026 और आने वाली विश्व प्रतियोगिताओं में भारतीय एथलेटिक्स को बड़ी सफलता मिल सकती है
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