ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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विदेशी दौरे पर लगातार मिली हार के बाद भारतीय टी20 टीम की रणनीति और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने खिलाड़ियों को निशाना बनाने के बजाय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा माहौल और चयन प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि विदेशी परिस्थितियों में भारत के खराब प्रदर्शन की एक बड़ी वजह घरेलू क्रिकेट और IPL के बीच बढ़ता अंतर है।
विदेशी दौरे पर लगातार मिली हार
टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम को पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड ने भी भारत को 0-4 से सीरीज में शिकस्त दी। इन नतीजों के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर, कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
IPL की पिचों पर उठाए सवाल
संजय मांजरेकर का कहना है कि IPL की बल्लेबाजी के अनुकूल पिचें खिलाड़ियों की वास्तविक परीक्षा नहीं लेतीं। उनके अनुसार, जब यही बल्लेबाज विदेशों में स्विंग, सीम और अतिरिक्त उछाल वाली पिचों पर खेलते हैं तो उनकी तकनीकी कमजोरियां सामने आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट को ऐसे खिलाड़ियों को भी मौका देना चाहिए, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में कठिन परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया हो।
चयन प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत
मांजरेकर का मानना है कि चयनकर्ताओं को केवल IPL प्रदर्शन के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए। खिलाड़ियों की तकनीक, विदेशी परिस्थितियों में ढलने की क्षमता और मुश्किल पिचों पर प्रदर्शन को भी बराबर महत्व दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इससे भारतीय टीम को विदेशों में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया पर कही यह बात
संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि विदेशी हार के लिए केवल खिलाड़ियों को दोष देना सबसे आसान रास्ता है। उन्होंने कहा कि असली समस्या उस व्यवस्था में है, जिसने IPL को ऐसा बना दिया है कि वहां का प्रदर्शन बल्लेबाजों की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह नहीं परख पाता।
विदेशी क्रिकेट में सुधार की चुनौती
भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या घरेलू क्रिकेट और IPL के प्रदर्शन के साथ-साथ विदेशी परिस्थितियों में सफलता के लिए अलग तैयारी और चयन नीति की जरूरत है। आने वाले विदेशी दौरों में टीम इंडिया के लिए इन चुनौतियों से पार पाना सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
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