ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
राजधानी दिल्ली में मोबाइल फोन से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोल बाग और आनंद पर्वत इलाके में चल रहे एक बड़े नकली मोबाइल रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया और मौके से 1600 से ज्यादा नकली मोबाइल फोन बरामद किए।
ऐसे मिला सुराग
क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि करोल बाग इलाके में कुछ लोग स्क्रैप (कबाड़) मोबाइल फोन को असेंबल कर नए ब्रांडेड फोन के रूप में बेच रहे हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने देव नगर (करोल बाग) और आनंद पर्वत में चल रही अवैध यूनिट्स पर छापा मारा।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस कार्रवाई में रूप किशोर खंडेलवाल और पप्पू गुप्ता नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले डेढ़ से दो साल से इस अवैध धंधे में शामिल थे। जांच में पता चला है कि सस्ते मोबाइल की ज्यादा मांग के कारण यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा था।
कैसे चलता था पूरा खेल?
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद चालाक तरीके से इस रैकेट को चला रहे थे। वे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कबाड़ियों से खराब और पुराने मोबाइल फोन सस्ते दाम पर खरीदते थे। इसके बाद करोल बाग बाजार से अलग-अलग पार्ट्स लाकर उन्हें मशीनों की मदद से जोड़ते (असेंबल करते) थे।
फोन तैयार होने के बाद उसमें फर्जी IMEI नंबर डाला जाता था और उसे नए डिब्बे में पैक कर बिल्कुल असली कंपनी के फोन जैसा बना दिया जाता था।
कई राज्यों में सप्लाई
ये नकली मोबाइल फोन गफ्फार बाजार समेत दिल्ली के कई बाजारों में बेचे जाते थे। इसके अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी इनकी सप्लाई की जाती थी, जिससे यह रैकेट बड़े स्तर पर काम कर रहा था।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये का अवैध सामान बरामद किया है। इसमें 1658 तैयार मोबाइल फोन, 408 स्क्रैप फोन, 1663 फर्जी IMEI चिप, 144 मदरबोर्ड, 850 चार्जर, 254 बैटरी और 117 डिस्प्ले शामिल हैं। इसके अलावा मोबाइल असेंबल करने वाली मशीनें और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अब तक कितने लोगों को ये नकली मोबाइल बेचे जा चुके हैं।
यह मामला दिखाता है कि कैसे तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों को ठगा जा रहा है। सस्ते दाम के लालच में लोग ऐसे फर्जी मोबाइल खरीद लेते हैं, जो बाद में नुकसान का कारण बनते हैं। ऐसे में ग्राहकों को सतर्क रहने और केवल भरोसेमंद दुकानों से ही मोबाइल खरीदने की सलाह दी जाती है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!