JNU में नारेबाजी का वीडियो वायरल: उमर खालिद–शरजील इमाम की जमानत खारिज पर विरोध
JNU में नारेबाजी का वीडियो वायरल हुआ। उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज होने के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया।
 JNU में नारेबाजी का वीडियो वायरल: उमर खालिद–शरजील इमाम की जमानत खारिज पर विरोध
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दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्रों को नारेबाजी करते हुए देखा गया। यह वीडियो करीब 35 सेकंड का बताया जा रहा है। इसमें कुछ छात्रमोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती परजैसे नारे लगाते और गाते हुए दिखाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह नारेबाजी 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के विरोध में की गई।

विरोध प्रदर्शन को लेकर JNUSU की सफाई

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने इस पूरे मामले पर कहा कि हर साल 5 जनवरी को छात्र कैंपस में हुई 2020 की हिंसा की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन करते हैं। उनके मुताबिक, विरोध के दौरान लगाए गए नारे वैचारिक थे और किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाकर नहीं लगाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि ये नारे किसी के लिए निर्देशित नहीं थे, बल्कि एक विचार के विरोध का तरीका थे।

पुलिस ने कहाकोई शिकायत नहीं मिली

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक इस नारेबाजी के वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

नेताओं के तीखे बयान, राजनीतिक विवाद गर्माया

वीडियो सामने आने के बाद कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

  1. - कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह गुस्सा जाहिर करने का तरीका है। उनके अनुसार, उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ नाइंसाफी हुई है और वे मुसलमान होने के कारण निशाने पर हैं।

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  3. - भाजपा नेता और मंत्री गिरिराज सिंह ने जेएनयू कोटुकड़े-टुकड़े गैंग का ऑफिसबताते हुए कड़ी आलोचना की और कहा कि देश विरोधी सोच रखने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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  5. - दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इस तरह के नारे लगाने वाले लोग पहले भी आतंकियों और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाते रहे हैं, लेकिन यह उनकीछटपटाहटहै।

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  7. - CPI(M) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि ऐसे नारे पहले भी कई बार लगाए गए हैं, हालांकि उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।

 

5 जनवरी 2020 की हिंसा की पृष्ठभूमि

5 जनवरी 2020 को जेएनयू कैंपस में हिंसा हुई थी। नकाबपोश लोगों के समूह ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों पर हमला किया था। लाठियों और लोहे की छड़ों से मारपीट की गई, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हुए थे। पुलिस पर उस समय कार्रवाई करने और जांच में पक्षपात के आरोप भी लगे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज की

हाल में सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। दोनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज है।

शरजील इमाम जनवरी 2020 से और उमर खालिद सितंबर 2020 से हिरासत में हैं। कोर्ट ने फिलहाल एक साल तक फिर से जमानत याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी है। 2020 की हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

जेएनयू का यह नया वीडियो सिर्फ एक कैंपस घटना नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक तरफ इसेगुस्से का इजहारकहा जा रहा है, तो दूसरी ओरदेश विरोधी नारेबताकर आलोचना की जा रही है। मामला अदालत, कैंपस राजनीति और राष्ट्रीय राजनीतितीनों से जुड़कर और संवेदनशील हो गया है।

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