ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' रिलीज के कुछ ही दिनों बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। करीब तीन साल तक रिलीज का इंतजार करने के बाद यह फिल्म 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हुई। हालांकि, कुछ ही समय बाद फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया। फिल्म हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, फिल्म हटाने की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
रिलीज के बाद अचानक हटी फिल्म
निर्देशक हनी तेहरान की इस फिल्म को रिलीज होने में लगभग तीन साल का समय लगा। ओटीटी रिलीज के बाद फिल्म ने दर्शकों का ध्यान खींचा और कई लोगों ने इसकी कहानी और अभिनय की सराहना की। बाद में ZEE5 ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जानकारी दी कि फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। हालांकि, इसके पीछे के कारणों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया।
हरभजन सिंह ने की फिल्म की तारीफ
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी को सामने लाती है और उनके साहस को याद करती है। हरभजन ने अपने संदेश में लिखा कि सत्ता के दुरुपयोग और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े सवालों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालरा ने जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें इतिहास में याद रखा जाना चाहिए और उनकी कहानी लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
दिलजीत दोसांझ की पोस्ट बनी चर्चा का विषय
फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने सीधे तौर पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। हालांकि, उन्होंने इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक वीडियो क्लिप साझा किया, जिसमें अंधेरे के बीच उम्मीद और सच की बात दिखाई गई। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने इस पोस्ट को फिल्म हटाए जाने पर उनकी अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के रूप में देखा। हालांकि, दिलजीत ने अपनी पोस्ट में ऐसा कोई स्पष्ट दावा नहीं किया। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह फिल्म को लेकर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिल्म क्यों बनी चर्चा का केंद्र?
'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित कहानी पर आधारित बताई जाती है। फिल्म में 1990 के दशक के पंजाब से जुड़े संवेदनशील विषयों को दिखाया गया है। यही वजह है कि रिलीज के बाद इसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हुई और अलग-अलग वर्गों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
आधिकारिक कारण का इंतजार
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फिल्म को ZEE5 से किस वजह से हटाया गया। न ही निर्माताओं और न ही ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
'सतलुज' की रिलीज और उसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने ने फिल्म को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जहां हरभजन सिंह जैसे कई लोगों ने फिल्म की सराहना की है, वहीं दर्शक अब यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि फिल्म को हटाने के पीछे आधिकारिक कारण क्या है। तब तक सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस और चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।
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