ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
राहुल रॉय का नाम सुनते ही 90 के दशक की फिल्म ‘आशिकी’ याद आ जाती है। एक ऐसी फिल्म, जिसने उन्हें बहुत कम समय में घर-घर तक पहुंचा दिया।
लंबे बाल, मासूम चेहरा और रोमांटिक हीरो की छवि ने उन्हें उस दौर का बड़ा चेहरा बना दिया था।
लेकिन
फिल्मी दुनिया में शुरुआती सफलता हमेशा लंबे करियर की गारंटी नहीं होती। राहुल रॉय
के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
पहली बड़ी सफलता के बाद वैसी निरंतरता नहीं बन सकी और धीरे-धीरे वे
मुख्यधारा की चमक से दूर होते चले गए।
अब क्यों चर्चा में हैं राहुल रॉय
हाल के
दिनों में राहुल रॉय कुछ वायरल रीलों की वजह से फिर सुर्खियों में आ गए। एक कंटेंट
क्रिएटर के साथ बनाए गए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैले और उन पर तरह-तरह
की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
कई लोगों ने तंज कसा, तो कई ने पूछा कि एक समय
का लोकप्रिय अभिनेता अब ऐसी रीलें क्यों बना रहा है।
इन
टिप्पणियों के जवाब में राहुल रॉय ने चुप्पी नहीं साधी। उन्होंने साफ कहा कि वह
अपना काम ईमानदारी और विनम्रता से कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि उन पर कुछ पुराने कानूनी मामलों का खर्च है
और ये मामले उनके ब्रेन स्ट्रोक से पहले के हैं।
संघर्ष पर राहुल रॉय का जवाब
राहुल ने
अपने संदेश में कहा कि अगर कोई उनके संघर्षों पर हंस रहा है, तो यह उनके बारे में कम
और मजाक उड़ाने वाले व्यक्ति के बारे में ज्यादा बताता है।
यह बयान लोगों के दिल तक पहुंचा, क्योंकि
उसमें किसी बनावटी गुस्से से ज्यादा एक थके हुए लेकिन गरिमापूर्ण कलाकार की सच्चाई
झलक रही थी।
रिपोर्टों
के मुताबिक उनके समर्थन में कुछ फिल्मी हस्तियां भी सामने आईं।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या हम अपने
पुराने कलाकारों को केवल तब याद करते हैं, जब वे शिखर पर हों,
और संघर्ष के दौर में उन्हें हंसी का विषय बना देते हैं।
ताज़ा अपडेट
29 अप्रैल
2026 तक वायरल रीलों पर हुई ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय का
जवाब सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से शेयर किया गया।
अब यह मामला सिर्फ एक अभिनेता की वायरल क्लिप भर नहीं रहा, बल्कि उस इज्जत और सहानुभूति की बहस बन चुका है, जिसकी
जरूरत हर संघर्षरत कलाकार को होती है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!