ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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संभावना सेठ ने हाल के इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के उस हिस्से पर खुलकर बात की, जिसके बारे में आमतौर पर लोग चुप रहना पसंद करते हैं। मां बनने की चाह, बार-बार उम्मीद बंधना, फिर टूट जाना और उसके बाद खुद को संभालना, यह सब उनके लिए आसान नहीं रहा।
उन्होंने बताया कि कई सालों से वह और उनके पति परिवार बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यह सफर बहुत दर्दनाक मोड़ लेता गया।
रिपोर्टों
के मुताबिक संभावना ने IVF के कई चक्रों का सामना किया। कुछ जगहों पर यह भी बताया गया कि उन्होंने कई
बार कोशिश की, लेकिन नतीजा उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं आया।
उनकी बातों से साफ झलकता है कि यह सिर्फ मेडिकल प्रक्रिया नहीं थी,
बल्कि भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक रूप से
थका देने वाला दौर था।
मिसकैरेज ने सबसे ज्यादा तोड़ा
संभावना
ने अपने इंटरव्यू में कहा कि जब वह प्रेग्नेंट हुईं तो घर में खुशी का माहौल था।
बेबी बंप दिखने लगा था और वह इस खुशखबरी को दुनिया के सामने लाने की तैयारी भी कर
रही थीं।
लेकिन तीसरे महीने के स्कैन के दौरान उन्हें पता चला कि गर्भ ठहरने
के बावजूद बच्चा पहले ही खत्म हो चुका था।
उनकी
सबसे दर्दनाक बात वही रही, जिसमें उन्होंने कहा कि वह करीब 15 दिन तक यह जाने
बिना घूमती रहीं कि गर्भ में पल रहा बच्चा अब जीवित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें तेज दर्द हो रहा था, लेकिन डॉक्टर ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और दूसरी समस्या मानकर टाल
दिया।
डॉक्टर पर क्यों उठाए सवाल
संभावना
ने खुलकर कहा कि उन्हें लगता है कि डॉक्टर की लापरवाही ने उनकी तकलीफ बढ़ाई।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि उन्होंने मेडिकल स्तर पर हुई चूक को केवल
“दुर्भाग्य” मान लेने से इनकार किया।
उनका कहना था कि अगर समय रहते जांच हुई होती, तो
शायद स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
यह बयान
सिर्फ एक अभिनेत्री का निजी दर्द नहीं है। यह उन हजारों महिलाओं की कहानी जैसा
लगता है, जो प्रजनन उपचार के दौरान
भावनात्मक और चिकित्सकीय असुरक्षा से गुजरती हैं।
जब कोई महिला IVF, गर्भधारण और गर्भहानि जैसी
प्रक्रिया से गुजर रही होती है, तब उसे संवेदनशील और
भरोसेमंद मेडिकल देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
रिपोर्टों
में संभावना सेठ की IVF यात्रा और बार-बार झेली गई परेशानियों को फिर चर्चा में लाया गया।
उनके पुराने बयानों और इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर भी बड़ी
संख्या में लोगों ने उनके साहस की तारीफ की और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर
खुली बातचीत की जरूरत को रेखांकित किया।
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