ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि हाल में हुई शांति वार्ता के बाद ईरान ने समझौते की लगभग सभी प्रमुख शर्तें स्वीकार कर ली हैं। ट्रंप के मुताबिक, हालिया सैन्य घटनाक्रम के बाद ईरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है और यही वजह है कि वह बातचीत के लिए तैयार हुआ। हालांकि, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरान की ओर से भी इन सभी बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान की सैन्य क्षमता पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कई रडार सिस्टम नष्ट किए और जब भी उन्हें दोबारा स्थापित करने की कोशिश हुई, उन्हें फिर से निशाना बनाया गया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास आगे भी कार्रवाई करने के लिए सभी जरूरी संसाधन मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
'स्टील की दीवार' जैसी थी अमेरिकी नौसैनिक रणनीति
ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अपनाई गई समुद्री रणनीति बेहद प्रभावी रही। उन्होंने इसे "स्टील की दीवार" करार देते हुए दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने समुद्री मार्गों पर मजबूत नियंत्रण बनाए रखा। उनके मुताबिक, इस दौरान कोई भी जहाज ईरान तक नहीं पहुंच पाया और अमेरिकी नौसेना ने तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही भी सुनिश्चित की।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों नहीं किया बंद?
ट्रंप ने यह भी बताया कि उनके प्रशासन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने का फैसला नहीं लिया। उन्होंने कहा कि यदि इस समुद्री मार्ग को बंद कर दिया जाता तो दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति प्रभावित होती। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 350 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती थीं और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकती थी।
तेल टैंकरों को सुरक्षित निकाला गया
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने कई रातों तक तेल टैंकरों को सुरक्षित समुद्री मार्ग से बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि एक रात में ही 22 जहाजों को सुरक्षित निकाला गया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी टिप्पणी
ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, महंगाई बहुत अधिक है और उसकी सैन्य व राजनीतिक नेतृत्व क्षमता कमजोर हुई है। हालांकि, इन आर्थिक और सैन्य दावों के संबंध में अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और विशेषज्ञों के अलग-अलग आकलन हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने शांति समझौते, सैन्य कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम पर दोनों देशों की आगे की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख अहम रहेगा।
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