ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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इजरायल की सेना (IDF) इस समय एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में साफ चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो सेना “अंदर से ढह” सकती है। उन्होंने कहा कि लगातार युद्ध और बढ़ते सैन्य दबाव के कारण मैनपावर की भारी कमी हो गई है, जो आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकती है।
900 दिनों से लगातार सैन्य अभियान
इजरायली सेना पिछले 900 दिनों से लगातार अलग-अलग मोर्चों पर सैन्य अभियानों में लगी हुई है। हाल ही में ईरान और लेबनान के साथ तनाव बढ़ने के कारण स्थिति और जटिल हो गई है। गाजा, लेबनान, सीरिया, वेस्ट बैंक और ईरान—इन सभी मोर्चों पर एक साथ सेना की तैनाती ने सैनिकों पर भारी दबाव डाल दिया है।
मैनपावर की भारी कमी
एयाल जमीर ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही सैनिकों की संख्या नहीं बढ़ाती है, तो कई क्षेत्रों में सुरक्षा में बड़ी खामियां आ सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिर्फ युद्ध के समय ही नहीं, बल्कि शांति के समय में भी इजरायल को अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए ज्यादा सैनिकों की जरूरत होती है।
हरेदी समुदाय को छूट बनी बड़ी वजह
इस संकट की एक बड़ी वजह इजरायल में हरेदी (अति-रूढ़िवादी यहूदी) समुदाय को दी गई छूट है। इस समुदाय के कई लोग अनिवार्य सैन्य सेवा से बाहर रहते हैं, जिससे सेना में भर्ती की संख्या कम हो रही है। सरकार इस मुद्दे पर कोई सख्त कानून लागू नहीं कर पा रही है, क्योंकि यह राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय है।
रिजर्व सैनिकों पर बढ़ता बोझ
IDF के रिजर्व सैनिकों पर भी भारी दबाव है। उन्हें एक साथ कई मोर्चों पर तैनात किया जा रहा है, जिससे उनके थकने और टूटने का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो सेना की कार्यक्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
नई चुनौतियां और बढ़ती जरूरतें
हाल ही में वेस्ट बैंक में कुछ चौकियों और फार्म को कानूनी मान्यता दी गई है, जिनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सैनिकों की जरूरत होगी। इसके अलावा, वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा के चलते वहां पहले से ज्यादा सैनिक तैनात करने पड़े हैं। भविष्य में और बटालियन की जरूरत पड़ सकती है।
सेवा अवधि घटाने का फैसला
सरकार ने जनवरी 2027 से अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि को घटाकर 30 महीने करने का फैसला किया है। हालांकि, सेना की मांग थी कि इसे बढ़ाकर 36 महीने किया जाए। इस फैसले से भी मैनपावर की समस्या और बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, इजरायली सेना इस समय कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। मैनपावर की कमी, लगातार युद्ध और राजनीतिक कारणों से जरूरी फैसलों में देरी—ये सभी मिलकर संकट को और गहरा बना रहे हैं। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति इजरायल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
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