ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से भरा ‘जग वसंत’ नाम का जहाज गुजरात के वाडीनार पोर्ट पर पहुंच गया है। इस जहाज में करीब 16 हजार मीट्रिक टन एलपीजी है, जो देश में घरेलू गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है, इस जहाज का सुरक्षित पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है।
होर्मुज संकट के बीच सुरक्षित पहुंचा जहाज
मौजूदा समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव और जोखिम की स्थिति बनी हुई है। यही वह समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई करता है। ऐसे हालात में ‘जग वसंत’ का सुरक्षित भारत पहुंचना राहत की बात है।
फिलहाल यह जहाज वाडीनार पोर्ट से करीब 10 नॉटिकल मील दूर एंकरिंग पर खड़ा है। इसके बाद एलपीजी को छोटे टग ‘रोज़’ के जरिए पोर्ट तक पहुंचाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए पोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।
देश में गैस सप्लाई को मिलेगा सहारा
‘जग वसंत’ के पहुंचने से देशभर में गैस सप्लाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हाल के दिनों में गैस की संभावित कमी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही थी, लेकिन इस जहाज के आने से हालात कुछ हद तक सामान्य हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के और जहाज भारत पहुंच सकते हैं, जिससे सप्लाई चेन को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का आज 28वां दिन है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। इस तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है, क्योंकि कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
ईरान ने भारत को दी विशेष अनुमति
इस बीच ईरान ने पांच “मित्र देशों” की सूची जारी की है, जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई है। इस सूची में भारत का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इससे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रूप से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने का मौका मिल रहा है।
‘जग वसंत’ जहाज का वाडीनार पोर्ट पहुंचना ऐसे समय में हुआ है जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है। यह भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। आने वाले दिनों में अगर इसी तरह सप्लाई बनी रहती है, तो देश में गैस संकट की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।
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