ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दुनिया में अमेरिका ही इजराइल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी बचा है। नेतन्याहू ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि इजराइल को भारत समेत कई देशों का मजबूत समर्थन प्राप्त है और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंध काफी व्यापक हैं। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने भारत का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक भारत लगातार इजराइल के साथ खड़ा रहा है।
भारत का नाम लेकर दिया जवाब
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों के साथ भी मजबूत रिश्ते हैं। उन्होंने कहा, "हमारे कुछ और मित्र भी हैं, जैसे भारत। वहां 1.4 अरब लोग रहते हैं और हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है।" उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें भारत से बड़ी संख्या में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलती हैं और भारतीय जनता का समर्थन उन्हें स्पष्ट रूप से महसूस होता है।
क्या कहा था जेडी वेंस ने?
पिछले महीने व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेडी वेंस से अमेरिका-ईरान वार्ता और इजराइल की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर वेंस ने कहा था कि यदि वह इजराइल सरकार का हिस्सा होते, तो दुनिया में बचे अपने सबसे शक्तिशाली सहयोगी अमेरिका की सार्वजनिक आलोचना नहीं करते। उनके इस बयान को इजराइल के लिए एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया था।
नेतन्याहू ने गिनाए इजराइल के वैश्विक संबंध
वेंस के बयान का जवाब देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के कई देशों के साथ रणनीतिक और तकनीकी संबंध हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई नेता नियमित रूप से उनसे संपर्क करते हैं और साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा तकनीक तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा जताते हैं। नेतन्याहू के अनुसार, कई देश अपने घरेलू राजनीतिक हालात के बावजूद इजराइल के साथ सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं।
साइबर और तकनीक में इजराइल की ताकत का किया जिक्र
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में इजराइल दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि कई राष्ट्र इजराइल की विशेषज्ञता से लाभ उठाना चाहते हैं और इसी वजह से उनके संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर भी मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इजराइल की स्थिति बाहर से जितनी दिखाई देती है, वास्तविकता उससे कहीं अधिक व्यापक है।
भारत-इजराइल संबंध लगातार मजबूत
भारत और इजराइल के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, विज्ञान और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क भी नियमित रहे हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं।
जेडी वेंस के बयान के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट संदेश दिया कि इजराइल केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है। उन्होंने भारत समेत कई देशों के समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि इजराइल के वैश्विक संबंध मजबूत हैं और तकनीक, सुरक्षा तथा रणनीतिक सहयोग के कारण दुनिया के अनेक देश उसके साथ साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!