ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित रखने के फैसले के बाद पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पाकिस्तान के कई मंत्री, सांसद और जल व अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य भारत के फैसले के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना और सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान का पक्ष दुनिया के सामने रखना था।
बिलावल भुट्टो ने क्या कहा?
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने सम्मेलन में कहा कि सिंधु जल संधि पाकिस्तान पर किसी का एहसान नहीं, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को इस संधि का सम्मान करना चाहिए और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार लागू किया जाना चाहिए।
पर्यावरण मंत्री ने भी जताई चिंता
पाकिस्तान के पर्यावरण मंत्री मुसद्दिक मलिक ने कहा कि यदि कोई शक्तिशाली देश किसी अंतरराष्ट्रीय संधि को एकतरफा निलंबित कर सकता है, तो इससे दुनिया की अन्य संधियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने सिंधु जल संधि को दुनिया के सबसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय जल समझौतों में से एक बताया।
इशाक डार का भारत को संदेश
सम्मेलन में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी भारत को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि केवल पानी के बंटवारे का समझौता नहीं है, बल्कि दक्षिण एशिया में शांति, स्थिरता और सहयोग की एक महत्वपूर्ण नींव है। उन्होंने कहा कि साझा जल संसाधनों को कभी राजनीतिक या रणनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।
क्षेत्रीय शांति का भी किया जिक्र
इशाक डार ने कहा कि यदि पाकिस्तान के जल अधिकारों से समझौता किया गया, तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और करोड़ों लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इन ताजा बयानों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत का रुख पहले से स्पष्ट
भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उसकी नीति सर्वोच्च प्राथमिकता पर आधारित है। सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं और भविष्य में इस विषय पर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावनाओं पर भी नजर रहेगी।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!