ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान, परमाणु हथियारों और वैश्विक सुरक्षा को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने B-2 बॉम्बर से ईरान पर हमला नहीं किया होता या वह अभियान सफल नहीं होता, तो ईरान आज परमाणु हथियार हासिल करने के बेहद करीब पहुंच चुका होता। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ अहम बिंदुओं पर दोनों पक्षों के बीच बिना लिखित सहमति भी बनी है।
B-2 बॉम्बर हमले को बताया निर्णायक
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और उसके पास ऐसी सैन्य क्षमता है, जिसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि ईरान पर B-2 बॉम्बर से किया गया हमला उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने में बेहद अहम साबित हुआ। ट्रंप के अनुसार, अगर यह कार्रवाई नहीं होती तो ईरान उच्च स्तर के परमाणु हथियार विकसित करने में सफल हो सकता था।
चीन और रूस पर भी की टिप्पणी
अपने संबोधन में ट्रंप ने चीन और रूस की सैन्य ताकत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक हथियारों का जखीरा है। उनके मुताबिक रूस दूसरे स्थान पर है, जबकि चीन तेजी से अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल चीन अमेरिका से पीछे है, लेकिन आने वाले कुछ वर्षों में वह अमेरिका के बराबर पहुंच सकता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि इतनी बड़ी सैन्य ताकत का इस्तेमाल कभी युद्ध में न करना पड़े।
परमाणु हथियार खत्म करने की दी सलाह
राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों को कम करने और खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के पास इतनी परमाणु क्षमता है कि पृथ्वी को कई बार नष्ट किया जा सकता है, जो मानवता के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी परमाणु संपन्न देशों को मिलकर ऐसा समझौता करना चाहिए जिससे परमाणु हथियारों की संख्या में कमी लाई जा सके और भविष्य में उनका पूरी तरह खात्मा हो।
ईरान को दी चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि ईरान पहले से अधिक मजबूत और आक्रामक हो गया था। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने उसकी सैन्य क्षमता को बड़ा झटका दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते का पालन करना ईरान की जिम्मेदारी होगी। यदि समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो अमेरिका सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने इस दौरान इजरायल और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी सहयोग के लिए आभार जताया।
दुनिया में कितने देशों के पास हैं परमाणु हथियार?
वर्तमान समय में दुनिया के केवल नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर 12 हजार से अधिक परमाणु वॉरहेड मौजूद हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी अमेरिका और रूस के पास है। ट्रंप के इन बयानों ने एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा, परमाणु हथियारों की दौड़ और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि अमेरिका-ईरान समझौते का आगे क्या असर पड़ता है और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है।
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