ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया। राजधानी काराकस में भूकंप आने के लगभग छह दिन बाद मलबे के नीचे दबे तीन साल के एक बच्चे को जीवित बाहर निकाला गया। इस चमत्कारी रेस्क्यू ने तबाही के माहौल में उम्मीद की नई किरण जगा दी है। हालांकि, दूसरी ओर भूकंप से हुई तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और मृतकों की संख्या भी बढ़ रही है।
जॉर्डन की रेस्क्यू टीम ने बचाई मासूम की जान
बच्चे को जॉर्डन की सिविल डिफेंस रेस्क्यू टीम ने मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। सामने आए वीडियो में बचावकर्मी बच्चे को जीवित देखकर खुशी जाहिर करते नजर आए। रेस्क्यू के तुरंत बाद बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। एक अन्य वीडियो में बचावकर्मी बच्चे का चेहरा साफ करते और उसे कंबल ओढ़ाते दिखाई देते हैं।
पूरे देश के लिए उम्मीद का पल
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस घटना को पूरे देश के लिए उम्मीद का प्रतीक बताया। उन्होंने बचाव दल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कठिन समय में यह रेस्क्यू लोगों के मन में नई उम्मीद लेकर आया है।
क्यों खास है यह रेस्क्यू?
आपदा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बड़े भूकंप के बाद शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी दौरान मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है। छह दिन बाद किसी बच्चे का सुरक्षित मिलना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। यही वजह है कि इस रेस्क्यू को चमत्कारिक माना जा रहा है।
भूकंप से भारी तबाही
पिछले सप्ताह वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। इन झटकों से राजधानी काराकस समेत कई इलाकों में भारी तबाही हुई। हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। सबसे ज्यादा नुकसान राजधानी के उत्तर में स्थित ला गुएरा क्षेत्र में हुआ, जहां कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं।
राहत और बचाव अभियान जारी
वेनेजुएला की संसद के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज के अनुसार, बचाव दल अब तक 6,461 लोगों को सुरक्षित निकाल चुका है। वहीं, राहत और खोज अभियान अभी भी लगातार जारी है।
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