ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप के कई दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं, लेकिन अब भी करीब 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अब तक 1,430 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3,300 से अधिक लोग घायल हैं। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक बचाव कार्य को और कठिन बना रहे हैं।
फिर आया 5.6 तीव्रता का भूकंप
रविवार को वेनेजुएला में एक बार फिर 5.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार इसका केंद्र अरागुआ तट के पास समुद्र में लगभग 30 किलोमीटर की गहराई पर था। इससे एक दिन पहले शनिवार को भी 4.9 तीव्रता का झटका आया था। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी बड़े भूकंप के बाद शुरुआती 48 से 72 घंटे सबसे अहम होते हैं, क्योंकि इसी दौरान मलबे में फंसे लोगों के जीवित मिलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।
परिजन खुद हटा रहे हैं मलबा
कई प्रभावित इलाकों में राहत दलों की संख्या जरूरत के मुकाबले कम है। ऐसे में लोग अपने परिजनों की तलाश के लिए खुद ही मलबा हटाने में जुटे हैं। हथौड़े, फावड़े और अन्य औजारों की मदद से परिवार अपने प्रियजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। भूकंप के कारण हजारों मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बड़ी संख्या में लोग अब सड़कों, पार्कों और खुले मैदानों में टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। सरकारी एजेंसियां ट्रकों के जरिए भोजन, पानी और अन्य जरूरी राहत सामग्री प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’
मानवीय सहायता के तहत भारत ने वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। स्पेनिश भाषा में अमिस्ताद का अर्थ ‘दोस्ती’ होता है। इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों से लगभग 35 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें आवश्यक दवाइयां, मेडिकल उपकरण और आपातकालीन राहत सामग्री शामिल है। इसके अलावा भारत ने 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी वेनेजुएला भेजी है। इस टीम में डॉक्टर, नर्स और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं, जो घायलों का इलाज करेंगे और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल भी स्थापित करेंगे।
24 देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड सहित 24 देशों ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग देने का फैसला किया है। अब तक देश में 521 टन राहत सामग्री, 86 प्रशिक्षित खोजी डॉग स्क्वॉड और 2,741 से अधिक खोज एवं बचाव विशेषज्ञ पहुंच चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी लगभग 1,000 अंतरराष्ट्रीय आपातकर्मियों वाली 25 सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को भेजने की घोषणा की है।
क्षतिग्रस्त एयरपोर्ट बना बड़ी चुनौती
इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (IRC) के अनुसार, वेनेजुएला का मुख्य हवाई अड्डा क्षतिग्रस्त होने से अंतरराष्ट्रीय सहायता समय पर पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। IRC का कहना है कि उसके पास पड़ोसी देश कोलंबिया में पर्याप्त राहत सामग्री मौजूद है, लेकिन एयरपोर्ट की खराब स्थिति के कारण उसे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाना बेहद मुश्किल हो रहा है। आने वाले दिनों में संगठन भोजन, स्वच्छ पेयजल, अस्थायी आश्रय और आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति पर विशेष ध्यान देगा।
लाखों लोग प्रभावित, सामान्य जीवन ठप
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, इस भूकंप से करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। भूकंप के बाद बिजली, पानी, संचार और परिवहन जैसी कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हजारों परिवार अपने घर खो चुके हैं और अस्थायी शिविरों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। राहत एजेंसियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य होने में अभी लंबा समय लग सकता है।
वेनेजुएला का यह भूकंप हाल के वर्षों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन गया है। लगातार आ रहे झटके, बड़ी संख्या में लापता लोग और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा राहत कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं। भारत समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मदद से बचाव अभियान जारी है, लेकिन हजारों परिवार अब भी अपने प्रियजनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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