ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के टीलामोड़ इलाके से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 4 साल की मासूम बच्ची की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को उसके ही मामा ने अपने साथ ले जाकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पिता का छलका दर्द
बच्ची के पिता का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस रिश्ते पर सबसे ज्यादा भरोसा होता है, वही इतना बड़ा धोखा देगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि आरोपी मामा घर आता-जाता था, बच्ची के साथ खेलता था और उसे प्यार करता था। लेकिन 11 अप्रैल को वह बच्ची को अपने साथ ले गया और फिर वह कभी वापस नहीं लौटी। पिता ने कहा, “ऐसे दरिंदे को फांसी मिलनी चाहिए, उसने हमारे विश्वास को तोड़ दिया।”
क्या है पूरा मामला?
परिवार पिछले 25 सालों से टीलामोड़ इलाके में रह रहा है। 11 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे बच्ची का मामा घर आया और बच्ची को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। शाम तक जब बच्ची वापस नहीं आई, तो परिवार को चिंता हुई। जब पिता आरोपी के कमरे पर पहुंचे, तो उसने कहा कि बच्ची को वह घर के बाहर छोड़ आया था। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सड़क किनारे मिला शव
रात करीब 8 बजे बीकानेर 80 फुटा रोड पर एक खड़ी कार के नीचे बच्ची का शव मिला। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने पहले बच्ची के साथ गलत काम किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को सड़क पर फेंक दिया गया। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
परिवार का गुस्सा और न्याय की मांग
इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। बच्ची के पिता, मां और दादी सभी ने आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पिता ने साफ कहा कि उन्हें एनकाउंटर नहीं, बल्कि कानून के तहत फांसी की सजा चाहिए। मां ने कहा कि वह जीवन भर आरोपी को घर में नहीं घुसने देंगी, जबकि दादी ने भी कहा कि ऐसे अपराधी को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की पुष्टि हो पाएगी। हालांकि, शुरुआती जांच और परिजनों के आरोपों के आधार पर मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। जब रिश्तों में ही विश्वास टूटने लगे, तो सुरक्षा की भावना कमजोर पड़ जाती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर है, ताकि मासूम बच्ची को इंसाफ मिल सके और दोषी को सख्त सजा दी जा सके।
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