ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित धर्म परिवर्तन और यौन शोषण से जुड़े एक संगठित गिरोह का मामला सामने आया है। इस मामले ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क को अमरीन और आफरीन नाम की दो बहनें चला रही थीं, जो कथित तौर पर गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को निशाना बनाती थीं। फिलहाल पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है।
कैसे सामने आया मामला?
यह मामला तब सामने आया जब दो महिलाओं ने बाग सेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्हें बहला-फुसलाकर जाल में फंसाया गया, फिर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया गया और बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।
पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिसमें रेप, धमकी और धर्म परिवर्तन के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं। इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पहली पीड़िता की आपबीती
पहली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह एक विधवा है और अपने दो बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उठा रही थी। वह कैटरिंग सर्विस में वीआईपी वेटर के तौर पर काम करती थी। साल 2023 में एक मॉल में उसकी मुलाकात अमरीन से हुई, जिसने उसे 10 हजार रुपये महीने की नौकरी का लालच दिया।
इसके बाद उसे अलग-अलग जगहों पर बुलाया जाने लगा। पीड़िता के मुताबिक, दिसंबर 2024 में उसे एक घर में ले जाकर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और उसे नमाज पढ़ने व बुर्का पहनने के लिए कहा गया।
दूसरी युवती ने भी लगाए समान आरोप
जांच के दौरान एक दूसरी युवती भी सामने आई, जिसने लगभग इसी तरह की घटना की शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसे भी नशीला पदार्थ देकर गैंगरेप किया गया और फिर ब्लैकमेल किया गया।
दोनों मामलों में तरीका लगभग एक जैसा होने के कारण पुलिस को यह एक संगठित गिरोह का मामला लग रहा है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल कर रही हैं।
अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अमरीन खान उर्फ माहिरा, आफरीन और चंदन यादव सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अमरीन और चंदन को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
वहीं, यासिर, बिलाल और चानू नाम के तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
आगे की जांच और संभावित खुलासे
स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी बहनें कॉलोनी में सामान्य तरीके से रहती थीं और किसी को उन पर शक नहीं था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के शिकार और भी महिलाएं हैं।
पीड़िताओं के मेडिकल परीक्षण और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं।
यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी और महिला के साथ इस तरह की घटना हुई है तो वह आगे आकर शिकायत दर्ज कराए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
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