ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में सोमवार सुबह एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें 5 झुग्गी-झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए।
सुबह-सुबह मचा हड़कंप
यह घटना सुबह करीब 5:30 बजे की है, जब अचानक झुग्गियों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तेजी से फैलकर आसपास की झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
दमकल ने 50 मिनट में पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर स्टेशन वैशाली से दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। करीब 50 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। इस दौरान तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं और लगातार आग बुझाने का काम करती रहीं।
समय रहते बची लोगों की जान
इस हादसे में मेरठ निवासी शिलाजुद्दीन, मनीराम, नरेश, राजेश और महाराज की झुग्गियां पूरी तरह जल गईं। हालांकि, गनीमत यह रही कि झुग्गियों में रहने वाले सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। खासकर महिलाओं और बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
शिलाजुद्दीन की सतर्कता बनी वरदान
पीड़ित शिलाजुद्दीन ने बताया कि जब आग लगी, तब वह जाग रहे थे। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को जगा दिया। उनकी इस सतर्कता के कारण सभी लोग समय रहते बाहर निकल सके। उन्होंने कहा कि अगर आग थोड़ी पहले लगती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सिलेंडर नहीं फटने से टला बड़ा खतरा
झुग्गियों में गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई सिलेंडर नहीं फटा। अगर सिलेंडर फट जाते, तो आग और भी भयावह रूप ले सकती थी और आसपास की झुग्गियों में भी बड़ा नुकसान हो सकता था।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
सीएफओ राहुल पाल भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी कहा गया कि आसपास की अन्य झुग्गियों को समय रहते बचा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से टल गया।
सतर्कता और सुरक्षा की जरूरत
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने का खतरा कितना बड़ा हो सकता है। ऐसे इलाकों में आग से बचाव के उपाय, जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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