ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Ministry of External Affairs (MEA) ने एक स्पेशल कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके इस कंट्रोल रूम की जानकारी दी। सरकार का कहना है कि युद्ध के माहौल में विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट से भारत लौट रहे नागरिक
जंग के कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपने देश लौट रहे हैं। मंगलवार देर रात जेद्दा और दुबई से कई फ्लाइट्स भारत पहुंचीं।
इन फ्लाइट्स में सवार भारतीय नागरिक दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उतरे। भारत पहुंचने के बाद कई यात्रियों ने राहत की सांस ली और कहा कि अपने देश लौटकर उन्हें सुरक्षित महसूस हो रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
इस युद्ध का असर समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को बंद कर दिया है।
इस रास्ते के बंद होने से भारतीय झंडे वाले 37 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर कुल 1,109 भारतीय नाविक सवार हैं। ये जहाज फिलहाल Persian Gulf और Gulf of Oman के आसपास मौजूद हैं। सरकार इन सभी नाविकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है।
एयरस्पेस बंद, हजारों यात्री फंसे
जंग के कारण पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 8 देशों ने अपनी हवाई सीमाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस को 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इसका असर हजारों यात्रियों पर पड़ा है, जो विभिन्न एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। एयरलाइंस और सरकार इन यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
पाकिस्तान में भी बढ़ा तनाव
इस युद्ध के असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर आने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान में भी हालात तनावपूर्ण हो गए।
कराची में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और उन्होंने US Consulate Karachi पर हमला करने की कोशिश की। वहीं इस्लामाबाद में डिप्लोमैटिक इलाके के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इन झड़पों में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई, जबकि 120 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
हालात पर भारत की लगातार नजर
मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है। भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
स्पेशल कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भारतीयों को तुरंत सहायता देने की कोशिश की जा रही है। सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर आगे और कदम भी उठाए जा सकते हैं, ताकि विदेशों में फंसे भारतीय सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
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