ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर बाकी सभी कमर्शियल संस्थानों के लिए एलपीजी गैस की सप्लाई फिलहाल बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सरकार केवल घरेलू उपयोग के लिए गैस उपलब्ध करा रही है। केजरीवाल ने यह टिप्पणी पेट्रोलियम मंत्रालय की एक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए की।
मंत्रालय की पोस्ट के बाद उठे सवाल
दरअसल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में एक पोस्ट जारी कर बताया था कि वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन आपूर्ति में बाधाओं के कारण एलपीजी सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि ऑयल रिफाइनरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल करें। इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि देशभर में ज्यादातर कमर्शियल संस्थानों के लिए एलपीजी सप्लाई रोक दी गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही प्राथमिकता
सरकार की ओर से कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।इसके लिए सरकार ने कुछ विशेष कदम उठाए हैं। इनमें घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देना और कालाबाजारी या जमाखोरी को रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू करना शामिल है। सरकार का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस की कमी के बावजूद आम उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
जरूरी संस्थानों को मिल रही सप्लाई
सरकार के मुताबिक आयातित एलपीजी से होने वाली नॉन-डोमेस्टिक सप्लाई फिलहाल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को दी जा रही है। इन संस्थानों में गैस की जरूरत ज्यादा होती है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता सूची में रखा गया है ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
अन्य कमर्शियल सेक्टर के लिए बनी समिति
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों को एलपीजी सप्लाई के मुद्दे पर भी सरकार ने कदम उठाया है। इस संबंध में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टरों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति विभिन्न सेक्टरों से आने वाली मांगों की समीक्षा करेगी और उसी के आधार पर सप्लाई से जुड़ा फैसला लिया जाएगा।
विपक्ष का सरकार पर हमला
एलपीजी की कीमतों और सप्लाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि गैस सिलेंडर लगातार महंगे हो रहे हैं और इसका सीधा असर व्यापारियों और होटल कारोबारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण व्यापारियों को नुकसान हो रहा है और आम जनता को भी महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
आगे क्या हो सकता है असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक ऊर्जा संकट और सप्लाई की समस्या लंबे समय तक जारी रहती है तो एलपीजी की उपलब्धता और कीमत दोनों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई वैकल्पिक उपाय करने पड़ सकते हैं, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों को भी राहत मिल सके।
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