ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सोमवार को एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 51 जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं और सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को केवल एक विवाह कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।
बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण पर जोर
अपने संबोधन में रेखा गुप्ता ने कहा कि इस तरह के आयोजन बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल हैं। उन्होंने कहा कि हर परिवार अपनी बेटी की शादी में जो सम्मान देना चाहता है, वही इस कार्यक्रम में देखने को मिला। यह आयोजन समाज के सक्षम और जरूरतमंद वर्गों को जोड़कर सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है।
एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हर नवविवाहित कन्या को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई, ताकि वह अपने नए जीवन की शुरुआत आत्मनिर्भर तरीके से कर सके। इसके अलावा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रत्येक कन्या को 1 लाख रुपये तक का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा का भी ध्यान
कार्यक्रम में नवविवाहित महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। हर कन्या को 7.50 लाख रुपये तक का तीन वर्षों का स्वास्थ्य बीमा दिया गया है, जिसकी प्रीमियम राशि संस्था द्वारा वहन की जाएगी। साथ ही, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें लैपटॉप और ई-लर्निंग सामग्री भी दी गई, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस समारोह में कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल रहीं। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उनकी पत्नी सविता कोविंद और केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे समेत कई गणमान्य लोग इस आयोजन में मौजूद रहे।
IAS-IPS अधिकारियों ने निभाई खास भूमिका
इस कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि 51 IAS और IPS अधिकारियों ने खुद कन्यादान और पाणिग्रहण संस्कार में भाग लिया। यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनी, जिससे सामाजिक जिम्मेदारी और सहयोग की भावना को बल मिला।
दिल्ली में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सिर्फ एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और समान अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!