नोएडा निर्माण स्थल हादसा: शटरिंग गिरने से 2 मजदूरों की मौत, ठेकेदार और सुपरवाइजर हिरासत में
नोएडा के सेक्टर 142 में निर्माणाधीन साइट पर शटरिंग गिरने से बिहार और झारखंड के दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने ठेकेदार और सुपरवाइजर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
 नोएडा निर्माण स्थल हादसा: शटरिंग गिरने से 2 मजदूरों की मौत, ठेकेदार और सुपरवाइजर हिरासत में
  • Category: नोएडा-ग्रेनो

नोएडा में निर्माणाधीन इमारत में रविवार (8 फरवरी) को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सेक्टर-142 इलाके में उस समय हुई जब काम के दौरान शटरिंग (मचान/ढांचा) अचानक गिर गया और तीन मजदूर नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर तीनों को अस्पताल भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।

 

मृतकों की पहचान: बिहार और झारखंड के मजदूर

पुलिस ने मृतक मजदूरों की पहचान मंटू सिंह (44), जो बिहार के निवासी थे, और शिबू (24), जो झारखंड के रहने वाले थे, के रूप में की है। हादसे में घायल हुए मिथुन (40), भी बिहार का निवासी है, और उसका इलाज नजदीकी अस्पताल में जारी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

 

कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के मुताबिक शटरिंग गिरने की इस घटना के समय मजदूर साइट पर काम कर रहे थे। अचानक ढांचे का एक हिस्सा ढह गया और तीनों मजदूर नीचे गिर गए। अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने मंटू और शिबू को मृत घोषित कर दिया जबकि मिथुन का इलाज अस्पताल में जारी है।

 

कई श्रमिकों ने दावा किया है कि स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे और मचान की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी, जिससे यह हादसा हुआ।

 

पुलिस की कार्रवाई: सुपरवाइजर और ठेकेदार हिरासत में

हादसे के बाद पुलिस ने निर्माण स्थल के सुपरवाइजर और ठेकेदार को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को प्रारंभिक जांच के दौरान यह पता लगाया गया कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था और निर्माण स्थल पर कार्य के दौरान मचान उस स्तर पर सुरक्षित नहीं था जिस पर होना चाहिए था। जांच के लिए एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

 

एसीपी (सेंट्रल नोएडा) राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है तथा कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वह अस्पताल में भी जांच की निगरानी कर रहे हैं और घायल मजदूर के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है।

 

निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूर सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा नेट, हेलमेट, मचान की मजबूती, प्रशिक्षित सुपरवाइजर और नियमित निरीक्षण जैसे नियमों का पालन होना चाहिए, ताकि इस तरह के जानलेवा हादसे रोके जा सकें।

 

नोएडा और आसपास के इलाकों में कई बार इसी तरह के हादसे सामने आए हैं, जिससे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। पढ़े-लिखे श्रमिकों, सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित सुपरवाइजर की कमी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण मानी जाती है।

 

परिवार और मजदूरों की चिंता

मृतक मजदूरों के परिजन और साथी मजदूर इस हादसे से बेहद दुखी हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने की मांग भी की है। कईयों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए दूर से आए श्रमिकों को सुरक्षा की कीमत चुकानी पड़ती है और ऐसे हादसे उन परिवारों को खतरे में डाल देते हैं।

 

यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि रोजमर्रा की मजदूरी करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और निर्माण स्थलों पर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic
Link copied to clipboard!

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 1h ago
Pahalgam Attack | PM Modi का एक एक्शन और Pakistan में मच गया हाहाकार