ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा चुका है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक जनसभा में बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी तुलना “जहरीले सांप” से कर दी है।
“बीजेपी पर भरोसा करना जहरीले सांप जैसा”
हाबड़ा में आयोजित एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी पर भरोसा करना जहरीले सांप पर भरोसा करने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सही मौके का इंतजार करती है और बंगाल पर हमला करने की रणनीति बनाती है। उनका यह बयान चुनावी माहौल में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, जिससे दोनों पार्टियों के बीच टकराव और बढ़ गया है।
वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान के तहत लाखों असली वोटरों के नाम बिना किसी कारण के वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। ममता ने यह भी कहा कि साधु-संतों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों के नाम भी हटाए गए हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक, यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है।
“यह चुनाव पहचान और अधिकारों की लड़ाई”
ममता बनर्जी ने इस चुनाव को सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि पहचान, भाषा और अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि “मां, माटी, मानुष” की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरती रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन ताकतों के खिलाफ एकजुट रहें, जो समाज को बांटने और अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
कब होंगे चुनाव?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। राज्य की कुल 294 सीटों पर मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। फिलहाल राज्य में आचार संहिता लागू है और सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रही हैं।
चुनाव से पहले ममता बनर्जी का यह बयान साफ तौर पर बीजेपी के खिलाफ सख्त राजनीतिक रुख को दर्शाता है। ममता बनर्जी की यह टिप्पणी आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की जनता इस बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच किसे अपना समर्थन देती है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!