ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी दौरा एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार को उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भव्य रोड शो किया और बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान आस्था, विकास और राजनीतिक संदेश—तीनों का खास मिश्रण देखने को मिला।
विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा
पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में करीब 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की। मुख्य अर्चक पंडित ओम प्रकाश मिश्रा सहित पांच पंडितों ने उन्हें विधिवत पूजा कराई। इस दौरान उन्हें माला पहनाई गई और त्रिपुंड लगाया गया। मंदिर से बाहर निकलने पर भाजपा नेताओं ने उन्हें त्रिशूल और डमरू भेंट किया। पीएम ने त्रिशूल उठाकर लहराया, जो इस दौरे का एक प्रतीकात्मक और चर्चित क्षण बन गया।
14 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो
पीएम मोदी का यह दौरा उनके भव्य रोड शो के लिए भी यादगार रहा। करीब 14 किलोमीटर लंबे इस रोड शो के दौरान जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया गया। सड़कों पर खड़े लोगों ने फूल बरसाए और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा। भाजपा कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते नजर आए, जिससे पूरा शहर उत्सव में बदल गया।
108 बटुकों ने किया स्वागत
काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर 108 बटुकों ने शंखनाद कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह दृश्य धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास रहा। पीएम ने मंदिर परिसर में बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे बातचीत कर सादगी भरा अंदाज दिखाया।
विकास परियोजनाओं का बड़ा ऐलान
इस दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री ने 6,350 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसके अलावा उन्होंने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में भी हिस्सा लिया, जिसमें करीब 50 हजार महिलाएं शामिल हुईं।
गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन
काशी दौरे के बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना हो गए, जहां वह गंगा एक्सप्रेस का उद्घाटन करेंगे। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा, जिससे प्रदेश में कनेक्टिविटी और विकास को गति मिलेगी।
काशी से जुड़ाव और राजनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी का यह 11 साल में 54वां काशी दौरा है, जबकि 2026 का यह पहला दौरा रहा। इससे पहले वह नवंबर 2025 में यहां आए थे। राजनीतिक रूप से भी यह दौरा अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें विकास कार्यों के साथ-साथ जनता से जुड़ाव और धार्मिक आस्था का संदेश भी शामिल है।
पीएम मोदी का काशी दौरा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि विकास और राजनीति का संतुलित प्रदर्शन भी था। नरेंद्र मोदी ने इस दौरे के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि काशी उनके लिए सिर्फ संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि आस्था और विकास का केंद्र है।
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