ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा चर्चा में बना हुआ है। रविवार को उन्होंने कोलकाता और ठाकुरनगर में धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की और इसके बाद एक बड़ा रोड शो भी किया। इस पूरे कार्यक्रम को चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर मतुआ समुदाय को साधने की कोशिश के रूप में।
ठनठनिया काली मंदिर में पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में मां सिद्धेश्वरी की पूजा की। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है और शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने खुद एक स्थानीय दुकान से पूजा की सामग्री खरीदी और उसे देवी को अर्पित किया।उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में जुटे, जिससे वहां उत्साह का माहौल बन गया।
मतुआ समुदाय पर खास ध्यान
इससे पहले पीएम मोदी ने उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में मतुआ महासंघ के मुख्य मंदिर ठाकुरबाड़ी में भी पूजा की। मतुआ समुदाय बंगाल की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। यह समुदाय करीब 34 विधानसभा सीटों पर असर डालता है, खासकर बांग्लादेश सीमा के आसपास के इलाकों में। हरिचंद ठाकुर द्वारा स्थापित यह संगठन सामाजिक सुधार और शिक्षा के लिए जाना जाता है। बीजेपी के लिए यह समुदाय पहले भी अहम साबित हुआ है, खासकर 2021 के चुनाव में।
कोलकाता में भव्य रोड शो
मंदिर दर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरी कोलकाता में एक मेगा रोड शो किया। यह रोड शो बी के पाल एवेन्यू से शुरू होकर शोभा बाजार होते हुए खन्ना क्रॉसिंग तक चला। लगभग 2 किलोमीटर लंबे इस रोड शो में सड़कों के दोनों ओर भारी भीड़ देखने को मिली। पीएम मोदी एक विशेष वाहन पर सवार थे, जिसे फूलों और बीजेपी के चुनाव चिह्न ‘कमल’ से सजाया गया था। लोग अपने घरों की बालकनी और खिड़कियों से उनका स्वागत करते नजर आए।
सुरक्षा और उत्साह दोनों चरम पर
रोड शो के दौरान ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगातार गूंजते रहे। सुरक्षा के लिए SPG, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना रहा, लेकिन पूरे कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
चुनाव से पहले BJP की रणनीति तेज
दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले बीजेपी ने अपने प्रचार अभियान को पूरी ताकत से आगे बढ़ाया है। पीएम मोदी का यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें धार्मिक जुड़ाव और जनसमर्थन दोनों को साधने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश भी है। मतुआ समुदाय को साधने और कोलकाता में जनसमर्थन दिखाने के जरिए बीजेपी ने चुनाव से पहले अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि इसका असर वोटिंग पर कितना पड़ता है।
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