ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल चरम पर है और इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। रविवार को रैली से लौटते समय वह कोलकाता के भवानीपुर इलाके में सब्जियां खरीदने पहुंचीं। हालांकि ममता बनर्जी पहले भी अपने क्षेत्र के बाजारों में जाती रही हैं, लेकिन इस बार उनकी यह यात्रा खास मानी जा रही है।
‘झालमुड़ी’ के बाद सब्जी शॉपिंग की चर्चा
ममता बनर्जी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘झालमुड़ी’ खाते हुए चर्चा में आए थे। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इसे जनता से जुड़ने की अलग-अलग कोशिशों के रूप में देख रहे हैं। 71 साल की ममता बनर्जी को बाजार में फलों और सब्जियों का चयन करते देखा गया, जिससे उनका साधारण और आम लोगों से जुड़ा हुआ चेहरा सामने आया।
भवानीपुर में पदयात्रा और जनसंपर्क
जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने हुगली और नॉर्थ 24 परगना में रोड शो किया, उसी दिन ममता बनर्जी ने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में पदयात्रा की। यह वही सीट है जहां बीजेपी ने उनके पुराने सहयोगी सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है, जो अब उनके प्रमुख राजनीतिक विरोधी बन चुके हैं। पदयात्रा के दौरान ‘दीदी-दीदी’ के नारों के बीच ममता बनर्जी ने लोगों से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया।
संस्कृति और राजनीति का संगम
ममता की रैली में बंगाल की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। ‘ढाक’ की धुन और पुरुलिया का प्रसिद्ध ‘छऊ नृत्य’ इस पदयात्रा का हिस्सा थे। इस दौरान “जोतोई कोरो हमला, आबार जीतबे बांग्ला” जैसे नारों और गीतों ने माहौल को और उत्साहित कर दिया।
विकास कार्यों का किया जिक्र
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई मंदिरों का निर्माण कराया है और जैन समुदाय के लिए बड़ा मंदिर बन रहा है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जैसे सेंट जेवियर्स कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा देना और इस्लामिया अस्पताल की स्थापना।
मोदी का पलटवार और आरोप
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोंगांव में रैली को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बंगाल में कानून व्यवस्था को ‘जंगल राज’ बताया और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मोदी ने कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल का चुनाव अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रतीकों और जनसंपर्क की लड़ाई भी बन चुका है। एक ओर ममता बनर्जी आम जनता से जुड़ने के लिए सरल छवि दिखा रही हैं, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने वाला है।
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