ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम
बंगाल की राजनीति में इन दिनों सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस
(टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को चुनाव आयोग के साथ करीब
ढाई घंटे लंबी बैठक की। यह बैठक एसआईआर (SIR) यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर
थी। बैठक के बाद उन्होंने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर
आरोप लगाए और कहा कि उनके सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए।
“1 करोड़ 36 लाख नाम संदेह में, सूची तक नहीं दी गई”
अभिषेक
बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम संदेह
के घेरे में डाले गए हैं। उन्होंने पूछा था कि जिन 1 करोड़ 36 लाख लोगों के नाम संदिग्ध
बताए गए हैं, उनकी पूरी सूची अब तक क्यों नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि पिछली
बैठक में जो पांच सवाल पूछे गए थे, उनमें से किसी का भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या का मुद्दा भी उठा
टीएमसी
नेता ने कहा कि बीजेपी की तरफ से दावा किया जा रहा है कि सूची में बड़ी संख्या में
बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं। उन्होंने सवाल किया कि जिन 58 लाख नामों को हटाया जा
रहा है, उनमें वास्तव में कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी
क्यों नहीं दी जा रही।
“फॉर्म भरने वालों के भी नाम क्यों हटे?”
अभिषेक
बनर्जी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर बिना ERO से पूछे ही नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने
कहा कि जिन लोगों ने फॉर्म नहीं भरा, उनका नाम हटना तो समझ आता है, लेकिन जिन्होंने
फॉर्म भरा और प्रक्रिया पूरी की, उनके नाम भी सूची से कैसे डिलीट हो गए — इस पर भी
कोई जवाब नहीं मिला।
“वोटर लिस्ट में चोरी हो रही है”
उन्होंने
तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिसे चुनाव कराना आता है, वही वोटर लिस्ट में चोरी कर रहा
है। उनका आरोप था कि असली खेल ईवीएम में नहीं बल्कि वोटर लिस्ट में हो रहा है। उन्होंने
कहा कि अगर कांग्रेस ने इसे पहले पकड़ लिया होता तो हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और
बिहार में चुनाव नतीजे अलग होते।
चुनाव आयोग और केंद्र पर सीधा निशाना
अभिषेक
बनर्जी ने कहा कि सरकार सर्कुलर और नोटिफिकेशन से चलनी चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार देश
को व्हाट्सऐप से चलाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग नोटिफिकेशन इसलिए
जारी नहीं करता क्योंकि उसे पता है कि ऐसा होने पर सभी राजनीतिक दल कोर्ट में चुनौती
दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के दौरान भी आयोग ने उनके सवालों के सटीक
जवाब नहीं दिए और बात को नागरिकता के मुद्दे पर मोड़ दिया।
“ज्ञानेश कुमार को देश बर्बाद करने भेजा गया”
मुख्य
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पहले कोऑपरेटिव
मंत्रालय से हटाकर यहां भेजा गया ताकि इस संवैधानिक संस्था को कमजोर किया जा सके।
अमित शाह और राहुल गांधी पर भी टिप्पणी
उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर कहा कि चाहे जितनी ताकत लगा लें, चुनाव टीएमसी ही जीतेगी क्योंकि जनता साथ है। राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केवल टीवी पर आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सड़कों पर उतरकर लड़ना पड़ेगा।
अभिषेक
बनर्जी ने साफ कहा कि अंतिम मतदाता सूची आने के बाद भी अगर गड़बड़ियां मिलीं तो लड़ाई
वहीं खत्म नहीं होगी। टीएमसी कानूनी लड़ाई भी जारी रखेगी। SIR को लेकर उठे सवालों ने
बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।
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