ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
क्रिकेट जगत में एक बार फिर मैच फिक्सिंग का बड़ा मामला सामने आया है। International Cricket Council (ICC) ने बारबाडोस में आयोजित Bim10 लीग 2023/24 के दौरान भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के आरोप में तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत वेस्टइंडीज के खिलाड़ी Jeavor Sears, टीम अधिकारी Trevon Griffith और टाइटंस टीम के मालिक Chitranjan Rathore को क्रिकेट की सभी गतिविधियों से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ICC की इस कार्रवाई से क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है और खेल की पारदर्शिता पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
Bim10 लीग में भ्रष्टाचार के आरोप
यह पूरा मामला बारबाडोस में आयोजित Bim10 League के दौरान सामने आया। ICC के अनुसार, इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने टूर्नामेंट के मैचों के परिणाम और खेल के कुछ अहम पलों को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ खिलाड़ियों को फिक्सिंग के लिए उकसाने की कोशिश की गई थी। यह क्रिकेट के नियमों और खेल की भावना के खिलाफ गंभीर अपराध माना जाता है।
सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे
ICC की जांच में यह भी सामने आया कि टीम अधिकारी ट्रेवॉन ग्रिफिथ ने जांच से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने की कोशिश की। उन पर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े सबूतों को छिपाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की ताकि जांच को प्रभावित किया जा सके। यह कदम Cricket West Indies के नियमों के साथ-साथ ICC के इंटरनेशनल एंटी-करप्शन कोड का भी उल्लंघन माना गया है।
फिक्सिंग ऑफर की जानकारी छिपाने का आरोप
ICC ने यह भी कहा है कि जेवन सियर्स और ट्रेवॉन ग्रिफिथ दोनों पर यह आरोप है कि उन्हें मैच फिक्सिंग के लिए जो प्रस्ताव या निमंत्रण मिले थे, उनकी जानकारी उन्होंने एंटी-करप्शन अधिकारियों को नहीं दी।
ICC के नियमों के अनुसार किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी को यदि फिक्सिंग का प्रस्ताव मिलता है, तो उसे तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी होती है। ऐसा न करना भी गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
ICC ने लिया सख्त फैसला
इन आरोपों को गंभीर मानते हुए ICC ने तीनों आरोपियों को तत्काल प्रभाव से क्रिकेट की सभी गतिविधियों से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें 11 मार्च 2026 से 14 दिनों के अंदर अपना जवाब देने का समय दिया गया है। अगर वे तय समय में जवाब नहीं देते या आरोप सही साबित होते हैं, तो उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
क्रिकेट में भ्रष्टाचार के खिलाफ ICC लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी जांच के तहत इससे पहले जनवरी में अमेरिका के खिलाड़ी Aaron Jones का नाम भी सामने आया था। ICC का कहना है कि खेल की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
क्रिकेट की साख बचाने की चुनौती
क्रिकेट दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। ऐसे में मैच फिक्सिंग जैसे मामले सामने आने से खेल की साख पर असर पड़ता है। ICC और अन्य क्रिकेट बोर्ड लगातार एंटी-करप्शन यूनिट के जरिए इन मामलों पर नजर रखते हैं ताकि खेल को साफ और पारदर्शी रखा जा सके।
वेस्टइंडीज क्रिकेट से जुड़ा यह नया मैच फिक्सिंग मामला क्रिकेट जगत के लिए चिंता का विषय है। हालांकि ICC की त्वरित कार्रवाई यह दिखाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद इन आरोपों का अंतिम परिणाम क्या होगा और क्रिकेट प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!