ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी के बीच चल रहे कानूनी विवाद में बड़ा फैसला सामने आया है। दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने आयशा मुखर्जी को 5.7 करोड़ रुपये शिखर धवन को लौटाने का आदेश दिया है। यह रकम धवन ने तलाक के बाद प्रॉपर्टी सेटलमेंट के तहत दी थी। कोर्ट का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की फैमिली कोर्ट का फैसला भारतीय कानून के अनुरूप नहीं है, इसलिए वह भारत में लागू नहीं होगा।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की फैमिली कोर्ट ने वहां के कानून के तहत धवन की संपत्तियों को ‘मेरिटल पूल’ मानते हुए आयशा को 60 फीसदी हिस्सा देने का आदेश दिया था। इसके तहत धवन को अपनी संपत्ति बेचकर 8.12 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर देने के लिए कहा गया था।
ऑस्ट्रेलियाई कानून के मुताबिक, शादी के दौरान अर्जित संपत्ति को साझा संपत्ति माना जाता है। इसी आधार पर फैसला सुनाया गया था। हालांकि, दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने इस आदेश को भारतीय कानून के खिलाफ बताया।
दिल्ली कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली की फैमिली कोर्ट के जज देवेंद्र कुमार गर्ग ने अपने आदेश में कहा कि भारतीय कानून, खासकर हिंदू मैरेज एक्ट 1955 के तहत, प्रॉपर्टी सेटलमेंट का प्रावधान अलग है। कोर्ट ने पाया कि ऑस्ट्रेलिया की अदालत ने धवन के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया था और आयशा कोर्ट में पेश भी नहीं हुई थीं।
कोर्ट ने यह भी माना कि धवन को जबरन करीब 82 हजार डॉलर का भुगतान करना पड़ा था। ऐसे में प्रॉपर्टी बेचकर मिली 5.7 करोड़ रुपये की रकम वापस करने का आदेश दिया गया है।
भारतीय कानून क्या कहता है?
भारत में विवाह और तलाक से जुड़े प्रॉपर्टी सेटलमेंट के लिए कोई एक समान कानून नहीं है। अलग-अलग धर्मों के अनुसार नियम लागू होते हैं। हिंदू मैरेज एक्ट की धारा 27 के तहत तलाक के समय पति-पत्नी की संयुक्त संपत्ति का बंटवारा किया जाता है।
वहीं ‘स्त्रीधन’ का अधिकार पत्नी को दिया जाता है, जिसमें शादी के दौरान मिले गिफ्ट, ज्वेलरी और अन्य सामान शामिल होते हैं। धारा 25 के तहत पत्नी को गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार है, लेकिन पति की पूरी संपत्ति पर स्वतः अधिकार नहीं मिलता।
2023 में हुआ था तलाक
धवन और आयशा मुखर्जी की शादी 2011 में हुई थी। दोनों का रिश्ता करीब 11 साल चला और अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया। आयशा की पहली शादी से दो बेटियां हैं, जबकि धवन और आयशा का एक बेटा जोरावर है।
क्रिकेट करियर और संन्यास
शिखर धवन ने 2010 में टी-20 और 2011 में वनडे क्रिकेट में भारत के लिए डेब्यू किया। 2013 में टेस्ट डेब्यू के बाद वे तीनों फॉर्मेट में टीम का अहम हिस्सा बने।
उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 167 वनडे, 68 टी-20 और 34 टेस्ट मैच खेले। उनके नाम 24 शतक और 55 अर्धशतक दर्ज हैं। 2024 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानून और भारतीय कानून के बीच अंतर को साफ तौर पर दिखाता है। दिल्ली की अदालत ने साफ कर दिया है कि विदेशी अदालत का फैसला भारतीय कानून से मेल नहीं खाता तो वह यहां लागू नहीं होगा। अब सबकी नजर इस पर है कि आगे इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
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