ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने SARTHAK-PDS योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। यह योजना 16वें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेगी। इसके लिए केंद्र सरकार करीब 25 हजार 530 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस फैसले का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश पर देखने को मिलेगा, जहां लगभग 15 से 16 करोड़ लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के जरिए राशन का लाभ उठाते हैं। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। इससे राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सही व्यक्ति तक समय पर खाद्यान्न पहुंच सकेगा।
क्या है SARTHAK-PDS योजना?
SARTHAK-PDS योजना का पूरा फोकस सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। इस योजना के तहत राशन के परिवहन, गोदामों की निगरानी, दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने और राशन वितरण प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से मजबूत किया जाएगा। सरकार AI और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर पीडीएस व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाना चाहती है। इससे फर्जी राशन कार्ड, कालाबाजारी और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिलेगी।
सीएम योगी ने जताई खुशी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि SARTHAK-PDS फेज-2 को मंजूरी मिलना देश के 81 करोड़ से ज्यादा जरूरतमंद नागरिकों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। सीएम योगी ने कहा कि AI और आधुनिक तकनीकों से लैस यह व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जन-केंद्रित और जवाबदेह बनाएगी। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक अन्न पहुंचाने के संकल्प को यह फैसला नई ऊर्जा देगा।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी किया स्वागत
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस फैसले को गरीबों के हित में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार गरीब कल्याण और अंत्योदय की भावना को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि 25,530 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना देशभर में खाद्यान्न वितरण प्रणाली को और मजबूत करेगी। साथ ही तकनीक आधारित व्यवस्था से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी लगाम लगेगी।
राशन व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
केंद्र सरकार ने राशन के परिवहन, हैंडलिंग और दुकानदारों को मिलने वाले कमीशन से जुड़े नियमों में भी बदलाव करने का फैसला लिया है। अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशन गोदाम से दुकानों तक पहुंचाने में पहले से बेहतर सहायता मिलेगी। हालांकि सरकार ने मौजूदा फंडिंग व्यवस्था को जारी रखने का भी फैसला किया है, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
यूपी के करोड़ों लोगों को राहत
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आबादी वाला राज्य है और यहां बड़ी संख्या में लोग सरकारी राशन योजना पर निर्भर हैं। ऐसे में SARTHAK-PDS योजना के जारी रहने से गरीब परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित पीडीएस व्यवस्था से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरतमंद लोगों को समय पर पूरा राशन मिल सकेगा। सरकार का यह कदम खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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