ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के रोजगार, कौशल विकास और उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को अक्सर "बीमारू राज्य" कहा जाता था, लेकिन वास्तव में राज्य नहीं बल्कि उस समय की सरकारों की सोच बीमार थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं।
'पहले नौकरी में पारदर्शिता नहीं थी'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी थी और भर्ती प्रक्रिया विवादों में रहती थी। उनके अनुसार, नौकरी के अवसर सीमित थे और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का माहौल था, जिससे योग्य युवाओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाई गई है। सरकार की कोशिश है कि हर योग्य युवा को निष्पक्ष तरीके से अवसर मिले।
9 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां देने का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसके अलावा सवा तीन करोड़ से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी देना नहीं बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है।
नई तकनीकों का मिलेगा प्रशिक्षण
सीएम योगी ने कहा कि बदलते समय के साथ कौशल विकास भी बदल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3-डी प्रिंटिंग और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुविधाएं केवल लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी। सरकार महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया और बहराइच जैसे जिलों में भी आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित कर रही है ताकि छोटे शहरों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें।
विदेश में रोजगार के लिए भी मिलेगी तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई युवा विदेश में रोजगार करना चाहता है तो सरकार उसे संबंधित देश की भाषा का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगी। साथ ही युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की मांग के अनुसार तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
प्रशिक्षित युवाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई युवाओं को सम्मानित किया। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से संवाद भी किया और कार्यक्रम में लगी विभिन्न प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में रोजगार, पारदर्शी भर्ती और कौशल विकास को प्रदेश सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीकों के जरिए युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।
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