ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली की ट्रैफिक समस्या से परेशान लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद मयूर विहार को AIIMS से जोड़ने वाला बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार यह फ्लाईओवर 30 जून तक आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली तक का सफर काफी तेज और आसान हो जाएगा। खासतौर पर रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझने वाले ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और मरीजों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
मयूर विहार से AIIMS तक मिलेगा सिग्नल-फ्री सफर
बारापूला फेज-3 कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मयूर विहार से AIIMS तक की यात्रा लगभग सिग्नल-फ्री हो जाएगी। अभी इस रूट पर लोगों को भारी ट्रैफिक और लंबे जाम का सामना करना पड़ता है, जिससे सफर में काफी समय लग जाता है। लेकिन नए एलिवेटेड कॉरिडोर के चालू होने के बाद यह दूरी अब सिर्फ 15 से 20 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लोगों की यात्रा भी ज्यादा आरामदायक हो जाएगी।
9 साल बाद पूरा हुआ प्रोजेक्ट
बारापूला फेज-3 फ्लाईओवर का निर्माण करीब 9 साल पहले शुरू हुआ था। हालांकि जमीन अधिग्रहण, प्रशासनिक देरी और तकनीकी अड़चनों की वजह से यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका। लगातार देरी के कारण परियोजना की लागत भी बढ़ती चली गई। अब इस पूरे मामले की जांच एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर प्रोजेक्ट में इतनी लंबी देरी क्यों हुई।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड फ्लाईओवर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ेगा। इसके शुरू होने से रिंग रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रैफिक रूट्स में से एक पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाएगा। इससे रोजाना घंटों जाम में फंसने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुविधा
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसमें पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। दिल्ली जैसे बड़े और व्यस्त शहर में यह कदम बेहतर शहरी परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षित फुटपाथ और साइकिल ट्रैक लोगों को वैकल्पिक और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का विकल्प देंगे।
प्रदूषण कम करने में भी मिलेगी मदद
बारापूला फेज-3 कॉरिडोर का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और वाहनों का ईंधन कम खर्च होगा। इससे प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद रोजाना लगभग 2 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हो सकेगा। ऐसे में यह परियोजना ट्रैफिक सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित हो सकती है। दिल्ली के लोगों को अब उम्मीद है कि यह नया कॉरिडोर उनकी रोजमर्रा की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज बना देगा
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