ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड का सरकारी बंगला, जो लंबे समय तक मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास रहा, अब एक नए उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने इस ऐतिहासिक भवन को 'दिल्ली स्टेट गेस्ट हाउस-कम-कल्चरल सेंटर' के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस फैसले का उद्देश्य सरकारी संपत्ति का बेहतर उपयोग करना और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला सरकारी अतिथि गृह तैयार करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों, विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और विदेशी मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा परिसर में कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग रूम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि यह भवन केवल ठहरने की जगह न होकर सरकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन सके।
6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित यह भवन दिल्ली के इतिहास का भी अहम हिस्सा रहा है। इसका निर्माण वर्ष 1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान किया गया था। आजादी के बाद यह भवन कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के सरकारी आवास के रूप में उपयोग में रहा। वर्ष 2004 से 2008 तक तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष प्रेम सिंह यहां रहे। बाद में यह आवास विधानसभा के उपाध्यक्ष अमरीश गौतम को आवंटित किया गया। वर्ष 2015 में यह तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आधिकारिक निवास बना और लगभग एक दशक तक मुख्यमंत्री आवास के रूप में इस्तेमाल होता रहा।
पिछले कुछ वर्षों में इस बंगले का नाम उसके पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण को लेकर काफी चर्चा में रहा। निर्माण कार्य और उस पर हुए खर्च को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कई प्रक्रियागत सवाल उठाए गए थे। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई। इस पूरे विवाद के कारण यह सरकारी आवास लंबे समय तक राजनीतिक बहस का विषय बना रहा।
अब दिल्ली सरकार इस भवन को एक नए रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में लंबे समय से एक समर्पित स्टेट गेस्ट हाउस की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अन्य राज्यों की तरह राजधानी में भी ऐसा सरकारी परिसर होना चाहिए, जहां आधिकारिक मेहमानों के ठहरने और सरकारी बैठकों के आयोजन की बेहतर व्यवस्था हो। इसी आवश्यकता को देखते हुए इस भवन को नए स्वरूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है।
सूत्रों के मुताबिक, भवन में पार्किंग, स्वागत कक्ष, आधुनिक अतिथि कक्ष, बैठक स्थल और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। हालांकि इस प्रस्ताव को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी मिलना अभी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण और पुनर्विकास का काम चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे एक ऐतिहासिक सरकारी भवन का उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा और राजधानी को एक आधुनिक स्टेट गेस्ट हाउस भी मिल जाएगा।
दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो 6 फ्लैगस्टाफ रोड का यह चर्चित परिसर आने वाले समय में राजनीतिक विवादों के बजाय सरकारी मेहमानों की मेजबानी और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जाना जाएगा।
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