ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली में रंगदारी मांगने और डर फैलाने के लिए फायरिंग करने का मामला फिर चर्चा में है, क्योंकि इस केस में करीब एक साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी उर्फ बंटी, उम्र 26 साल, के रूप में हुई है और वह हरियाणा के अंबाला का रहने वाला है।
मामला कैसे शुरू हुआ
जांच के अनुसार मार्च 2025 में जगतपुरी इलाके के एक व्यक्ति को लगातार धमकी भरे कॉल और मैसेज मिलने लगे थे। कॉल करने वाला खुद को पंजाब का गैंगस्टर गुरजंत सिंह उर्फ जनता बता रहा था और उसने पीड़ित से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना कर दिया, तो 1 और 2 अप्रैल 2025 की रात उसके घर पर फायरिंग कर दी गई।
ऐसी घटनाएं सिर्फ एक परिवार को नहीं डरातीं, बल्कि पूरे इलाके में दहशत फैला देती हैं। रंगदारी वाली वारदातों का मकसद भी यही होता है कि एक व्यक्ति को निशाना बनाकर कई लोगों में भय बैठा दिया जाए।
वारदात की प्लानिंग ने चौंकाया
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह पूरी वारदात काफी योजना बनाकर अंजाम दी। वह अंबाला से बस में बैठकर दिल्ली आया, कश्मीरी गेट पहुंचा, वहां से ऑटो लेकर कृष्णा नगर गया और फिर एक मोटरसाइकिल चोरी की। उसी बाइक से वह पीड़ित के घर पहुंचा और दो राउंड फायरिंग करके बाइक बस स्टैंड के पास छोड़कर बस से वापस अंबाला भाग गया।
यह तरीका बताता है कि अब अपराधी अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ वारदात कर रहे हैं। वे रास्ता, वाहन, भागने की योजना और पहचान छिपाने के तरीके पहले से तय करते हैं।
पुलिस ने कैसे पकड़ा
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से आरोपी की पहचान की। करीब एक साल तक फरार रहने के बाद 16 मार्च 2026 को सूचना मिली कि वह पंजाब के खरड़ इलाके में छिपा है, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि वह अदालत से घोषित अपराधी था और लगातार ठिकाने बदलकर छिप रहा था।
दिल्ली जैसे बड़े शहर में आरोपी को लंबे समय बाद पकड़ना आसान नहीं होता। लेकिन इस मामले में यह भी साफ दिखता है कि तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग अब पुलिस की जांच में अहम भूमिका निभा रही है।
गैंगस्टर कनेक्शन ने क्या बताया
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले कुत्तों की खरीद-फरोख्त का काम करता था। कुछ साल पहले एक मारपीट के केस में उसका संपर्क गैंगस्टर गुरजंत उर्फ जनता के लोगों से हुआ, जिसके बाद वह धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में उतर गया। पुलिस के अनुसार उसी गैंगस्टर के कहने पर उसने दिल्ली में फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।
यह बात सबसे ज्यादा चिंताजनक है कि सामान्य काम करने वाला एक व्यक्ति कैसे गैंग नेटवर्क से जुड़कर बड़े अपराध में शामिल हो गया। यही वजह है कि ऐसे मामलों में सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी काफी नहीं मानी जाती, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ना जरूरी होता है।
अब आगे क्या
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि आरोपी ने पहले भी ऐसी किसी वारदात को अंजाम दिया था या नहीं।
इस केस ने एक बार फिर दिखाया है कि रंगदारी का अपराध अब केवल फोन धमकी तक सीमित नहीं रहा। पैसे न मिलने पर सीधा फायरिंग करना बताता है कि गैंग नेटवर्क छोटे कारोबारियों और परिवारों के लिए कितना बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
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