ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 लागू कर दी है, जिसका उद्देश्य राजधानी को 2030 तक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रमुख केंद्र बनाना है। नई नीति के तहत सरकार ने अगले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने और 2030 तक 31.83 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़कों पर लाने का लक्ष्य रखा है।
2030 तक तेजी से बढ़ेंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां
परिवहन विभाग के अनुसार, 15 जून 2026 तक दिल्ली में करीब 9.89 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। नई नीति के तहत हर साल औसतन 7 से 8 लाख नए इलेक्ट्रिक वाहन जुड़ने का अनुमान है।
सरकार के अनुमान के मुताबिक 2030 तक:
• कुल 31.83 लाख इलेक्ट्रिक वाहन होंगे।
• इनमें करीब 77.17% इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर होंगे।
• लगभग 24.57 लाख ई-टूव्हीलर पंजीकृत होंगे।
• करीब 1.88 लाख इलेक्ट्रिक कारें होंगी।
• लगभग 2.50 लाख ई-रिक्शा और 22,887 ई-ऑटो भी शामिल होंगे।
32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनेंगे
ईवी पॉलिसी 2.0 के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा।
मुख्य योजनाएं:
• अगले चार वर्षों में 32,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
• वर्तमान में करीब 8,913 चार्जिंग पॉइंट मौजूद हैं।
• करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से 23,000 से अधिक नए चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे।
• बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर सब्सिडी जारी
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है।
• ई-टूव्हीलर खरीदने पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी।
• पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराने पर 10,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ।
• 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक मॉडल के रूप में किया जाएगा।
ई-ऑटो और इलेक्ट्रिक ट्रकों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने ई-ऑटो और माल ढोने वाले वाहनों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया है।
• ई-ऑटो पर 50,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि।
• पुराना वाहन स्क्रैप कराने पर 25,000 रुपये अतिरिक्त।
• जनवरी 2027 से नए ऑटो रिक्शा केवल इलेक्ट्रिक रूप में पंजीकृत होंगे।
• N1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी।
• पुराने ट्रक स्क्रैप कराने पर 50,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन।
• शुरुआती 1,000 N2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री समय में विशेष छूट मिलेगी।
स्कूल बसों को भी किया गया शामिल
नई नीति में पहली बार स्कूल परिवहन को भी शामिल किया गया है। सरकार ने 2030 तक स्कूल बसों के बेड़े का 30 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा है।
क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि EV Policy 2.0 केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी प्रबंधन और मजबूत संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से दिल्ली के पूरे परिवहन तंत्र को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में ले जाना है। उन्होंने कहा कि 2020 की EV नीति ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत की थी, जबकि नई नीति उसी अनुभव के आधार पर तैयार की गई है ताकि आने वाले वर्षों में राजधानी में स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सके।
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