ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारों पर काम कर रहा था और इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा संस्थानों को निशाना बनाना था। स्पेशल सेल ने इस कार्रवाई को "ऑपरेशन गैंग ब्रस्ट" के तहत अंजाम दिया। इससे पहले इसी मॉड्यूल के तीन अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद
डीसीपी (स्पेशल सेल) प्रवीण त्रिपाठी के मुताबिक, एसीपी विवेक त्यागी की निगरानी में गठित टीम ने हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोहेल और मोहम्मद कैफ, दिल्ली के सोनू मीणा, राजस्थान के सचिन मीणा तथा उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी मोहम्मद रिहान के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान से जुड़े थे
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार, उन्हें हथियार जुटाने, नए युवकों की भर्ती करने, पुलिसकर्मियों की रेकी करने और सुरक्षा बलों पर हमले की तैयारी करने जैसे निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा आरोपियों को पाकिस्तान समर्थित संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) का प्रचार-प्रसार करने और उसके पोस्टर लगाने का भी काम सौंपा गया था।
पुलिस पर हमले के लिए दिया गया लालच
पूछताछ में आरोपी सोहेल ने खुलासा किया कि उसने दिल्ली और फरीदाबाद के कई इलाकों में TTH के समर्थन में ग्रैफिटी बनाई थी। इसके वीडियो पाकिस्तान स्थित हैंडलर को भेजे गए, जिसके बदले उसे 5 हजार रुपये मिले थे। वहीं, आरोपी मोहम्मद रिहान को पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए कथित तौर पर 3 लाख रुपये तक देने का लालच दिया गया था। अन्य आरोपियों को भी पोस्टर लगाने और संगठन के प्रचार का जिम्मा दिया गया था।
हथियार और फंडिंग का पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली निवासी सोनू मीणा मॉड्यूल के लिए हथियार और फंडिंग का इंतजाम करता था। उसके पास से तीन पिस्टल बरामद हुई हैं। उसी ने सोहेल को ग्रैफिटी बनाने के लिए पैसे भी भेजे थे। सोनू के सहयोगी सचिन मीणा के पास से भी दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के आर्थिक स्रोत, स्थानीय मददगारों और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
जांच जारी, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
स्पेशल सेल के मुताबिक, इसी मॉड्यूल के तीन अन्य सदस्य शोएब, अनमोल राय उर्फ अन्नू और रवि कश्यप को पहले ही "ऑपरेशन गैंग ब्रस्ट 2.0" के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मॉड्यूल का नेटवर्क कितना बड़ा है, इसे फंडिंग कहां से मिल रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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