ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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राजधानी दिल्ली में सस्ती और सम्मानजनक भोजन योजना को बड़ा विस्तार मिला है। गुरुवार को 24 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत के साथ ही शहर में इनकी कुल संख्या बढ़कर 70 हो गई है। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहीं।
उद्घाटन के बाद दोनों नेताओं ने आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कैंटीनों की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और लोगों की प्रतिक्रिया पर भी ध्यान दिया गया।
गरीब और मेहनतकश वर्ग को राहत
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नई कैंटीनों के शुरू होने से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में कम कीमत पर भोजन की सुविधा और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
इन कैंटीनों का मुख्य उद्देश्य दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी संचालकों, सफाई कर्मचारियों और कम आय वर्ग के लोगों को सस्ता और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। कई लोग जो दिनभर मेहनत करते हैं, उनके लिए पांच रुपये में भरपेट खाना एक बड़ी सहायता है।
पांच रुपये में पौष्टिक और संतुलित भोजन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना मेहनतकश लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि जरूरतमंदों को पौष्टिक और संतुलित भोजन मिले। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और साफ-सफाई से कोई समझौता न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योजना पूरी पारदर्शिता के साथ चलाई जा रही है और इसका मकसद सिर्फ भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान के साथ सुविधा देना है।
हर थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी
उपराज्यपाल ने जानकारी दी कि इस योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर की गई थी। सरकार प्रत्येक थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी देती है, ताकि लाभार्थियों को सिर्फ 5 रुपये में भोजन मिल सके।
कैंटीनों में नियमित निगरानी और निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है, जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड इन कैंटीनों का संचालन कर रहा है।
100 अटल कैंटीन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य राजधानी में 100 अटल कैंटीन स्थापित करना है। उनका कहना है कि यह योजना केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम है। सरकार का प्रयास है कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। कैंटीनों के विस्तार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा और जरूरतमंद वर्ग को राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और कृष्णा नगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, अटल कैंटीन योजना राजधानी में सामाजिक सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता का एक मजबूत उदाहरण बनती जा रही है।
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