दिल्ली में “वॉल-टू-वॉल” रोड सुधार: 45 विधानसभा, 400 KM सड़कें—गड्ढों और धूल से राहत मिलेगी?
दिल्ली सरकार ने 241 से ज्यादा बड़ी सड़कों को “वॉल-टू-वॉल” तरीके से दोबारा बनाने की मंजूरी दी है। बजट, टाइमलाइन, किन इलाकों की सड़कें शामिल हैं और आम लोगों को क्या फायदा होगा—सब आसान हिंदी में।
दिल्ली में “वॉल-टू-वॉल” रोड सुधार: 45 विधानसभा, 400 KM सड़कें—गड्ढों और धूल से राहत मिलेगी?
  • Category: दिल्ली NCR

दिल्ली में अगर कोई चीज रोज़ाना सबसे ज्यादा परेशान करती है, तो वो है सड़कें—कहीं गड्ढे, कहीं पैचवर्क, कहीं बारिश में पानी भर जाता है, और कहीं धूल इतनी उड़ती है कि बाइक चलाना भी मुश्किल लगने लगता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार ने एक बड़ा रोड सुधार प्रोजेक्ट शुरू करने की मंजूरी दी है, जिसमें राजधानी की सड़कों को “वॉल-टू-वॉल” तरीके से दोबारा बनाया जाएगा।

सरकार का कहना है कि यह सिर्फ ऊपर से मरम्मत नहीं होगी, बल्कि सड़क को लंबे समय के हिसाब से मजबूत बनाने वाला काम होगा। आम लोगों की नजर से देखें तो इसका मतलब ये है कि सड़क कुछ महीनों में फिर से टूटे—ऐसा कम हो, और रोज की ड्राइविंग थोड़ा आसान हो।

वॉल-टू-वॉल” का मतलब क्या है?

सरकार ने जिस मॉडल का नाम लिया है, उसका बेसिक मतलब है—सड़क की पूरी चौड़ाई में एक जैसी क्वालिटी का काम। अभी कई जगह होता ये है कि बीच का हिस्सा ठीक कर दिया जाता है या बस गड्ढे भर दिए जाते हैं, लेकिन किनारे टूटे रहते हैं और कुछ समय में वही हिस्सा फिर खराब हो जाता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इसी बात पर जोर दिया कि आधा-अधूरा काम होने से सड़क जल्दी फिर बिगड़ती है, इसलिए अब पूरे हिस्से को एक साथ बनाया जाएगा। आम भाषा में कहें तो “बीच में चमक, किनारे पर टूट-फूट” वाली कहानी कम करने की कोशिश है।

प्रोजेक्ट कितना बड़ा है?

इस योजना के तहत 45 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों की करीब 400 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कें सुधारी जाएंगी। इसमें 241 से ज्यादा बड़ी सड़कें शामिल बताई गई हैं। इतना बड़ा काम एक साथ होगा, तो जाहिर है लोगों को उम्मीद भी रहेगी और सवाल भी—काम की स्पीड क्या होगी, ट्रैफिक कितना झेलेगा, और क्वालिटी कितनी टिकेगी।

सरकार ने लक्ष्य रखा है कि यह प्रोजेक्ट साल के अंत तक पूरा किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि काम चरणों में होगा ताकि ट्रैफिक पर कम असर पड़े और लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

बजट और पैसा कहां से आएगा?

इस रोड सुधार प्रोजेक्ट की कुल लागत 802.18 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें से 643.36 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) से मिलने की बात कही गई है, जबकि 158.82 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी। सरकार का दावा है कि केंद्र-राज्य सहयोग से राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिल रही है।

आम टैक्सपेयर के नजरिए से सबसे जरूरी बात यह है कि इतने पैसे का काम “दिखे” भी—यानी सड़क सच में बेहतर बने, और बाद में वही सड़क बार-बार खोदी न जाए।

क्या धूल और प्रदूषण में फर्क पड़ेगा?

मुख्यमंत्री ने कहा है कि पूरी चौड़ाई में समतल और सीलबंद सतह बनने से धूल कम होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आ सकती है। उनका तर्क है कि टूटी सड़क पर गाड़ी चलने से मिट्टी और बारीक कण हवा में उड़ते हैं, जिससे पीएम (Particulate Matter) बढ़ता है।

दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, और इसमें सड़क की धूल का हिस्सा भी माना जाता है। इसलिए अगर सड़कें सच में ठीक बनती हैं और टूट-फूट कम होती है, तो लोगों को इसका असर रोजमर्रा में महसूस हो सकता है—खासकर उन इलाकों में जहां ट्रैफिक भारी रहता है।

बारिश, जलभराव और सड़क की उम्र

सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट केवल ऊपर से कारपेटिंग नहीं करेगा, बल्कि बेस लेयर की जांच, जरूरत पड़ने पर मजबूती, जल निकासी और अंतिम लेयर—सब तकनीकी मानकों के अनुसार किया जाएगा। दावा यह भी है कि इससे बरसात में जलभराव की समस्या कम होगी और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।

यह हिस्सा बहुत अहम है, क्योंकि दिल्ली में अक्सर बारिश के बाद असली टेस्ट शुरू होता है। अगर ड्रेनेज सही नहीं हुआ, तो नई सड़क भी जल्दी बैठ जाती है और फिर वही गड्ढे निकल आते हैं।

किन-किन सड़कों का नाम आया है?

योजना में कई प्रमुख सड़कों के नाम गिनाए गए हैं—जैसे अगस्त क्रांति मार्ग (मालवीय नगर), आउटर रिंग रोड, राव तुला राम मार्ग, कापसहेड़ा-बिजवासन रोड, नजफगढ़-झाड़ौदा रोड, कैप्टन गौड़ मार्ग (कालकाजी), लाला लाजपत राय मार्ग (ग्रेटर कैलाश), डॉ. के.एन. काटजू मार्ग (रोहिणी), शामनाथ मार्ग (चांदनी चौक), डीबी गुप्ता रोड (करोल बाग), लोनी रोड समेत कई सड़कें। सूची काफी लंबी है और अलग-अलग इलाकों को कवर करती है।

आम लोगों के लिए “सही” काम कैसा दिखेगा?

अगर आप रोज ऑफिस जाते हैं, बच्चे को स्कूल छोड़ते हैं, या दुकान तक सामान पहुंचाते हैं—तो आप सड़क सुधार का असर 3 चीजों में तुरंत पकड़ लेंगे:

  • गड्ढे और झटके कम हुए या नहीं।

  • बारिश में पानी भरने का हाल बदला या नहीं।

  • सड़क किनारे की टूट-फूट और धूल पहले जैसी है या कम हुई।

सरकार ने मजबूत सड़कें, बेहतर ट्रैफिक, कम दुर्घटनाएं और समय बचने जैसी बात कही है। अब असली उम्मीद यही रहेगी कि काम “कागज पर” नहीं, जमीन पर एक जैसा दिखे—और सबसे जरूरी, बाद में सड़क को बार-बार काटकर दोबारा पैचवर्क न करना पड़े।

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic
Link copied to clipboard!

Warning: file_put_contents(youtube_cache.json): Failed to open stream: Permission denied in /var/www/html/pages/video.php on line 67

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 2d ago
UP 2027: ओवैसी का गेम प्लान, 143 सीटों का समीकरण और विपक्ष की मुश्किलें
YouTube Video
Newsest | 16d ago
Pakistan ने India के खिलाफ Match बॉयकॉट किया! ICC का बड़ा ऐलान और भविष्य पर सवाल |T20 World Cup 2026
YouTube Video
Newsest | 21d ago
अजित पवार विमान हादसा: 4 बड़े खुलासे! क्या यह महज़ एक दुर्घटना थी? | Ajit Pawar Crash Investigation
YouTube Video
Newsest | 21d ago
आसमान से गिरा सियासी सितारा: बारामती की मिट्टी में 'दादा' का आख़िरी सलाम | Ajit Pawar | Baramati
YouTube Video
Newsest | 22d ago
UGC New Rule 2026: Campus में अब जातिवाद पर सीधा प्रहार! | Equity Squad? | Explainer
YouTube Video
Newsest | 23d ago
77वां गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर भारत का "विनाशक" अवतार! | Republic Day 2026
YouTube Video
Newsest | 26d ago
Judge Vibhanshu Sudhir का तबादला ? संभल हिंसा और Anuj Chaudhary | Akhilesh Yadav | UP Police
YouTube Video
Newsest | 26d ago
Dadri MLA Tejpal Singh Nagar Podcast | Western UP Politics | CM Yogi | UP Election 2027
YouTube Video
Newsest | 28d ago
BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने Nitin Nabin | Modi-Shah की बड़ी रणनीति | राजनीति की असली कहानी
YouTube Video
Newsest | 36d ago
Promo | MLA Tejpal Nagar के साथ Dadri के विकास पर होगी खुलकर चर्चा—सिर्फ हमारे पॉडकास्ट में
YouTube Video
Newsest | 76d ago
दिल्ली के 5 सबसे बदनाम बाजार: चोर बाजार से गांधी नगर तक | Cheap Deals या Black Market?
YouTube Video
Newsest | 89d ago
Bengaluru Cash Van Robbery | ₹7.11 Crore Heist | नकली अधिकारियों की साजिश | Hindi News
YouTube Video
Newsest | 99d ago
Delhi Blast Story: White Collar Terror Network का खुलासा | #newsesthindi
YouTube Video
Newsest | 111d ago
Delhi में Artificial Rain क्यों फेल हो गया? | Cloud Seeding Full Explained in Hindi
YouTube Video
Newsest | 128d ago
अचार सहिंता क्या है? | Model Code of Conduct | Election Commission of India | Newsest Hindi