दिल्ली की नई EV पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी, अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलेंगी बड़ी राहतें
दिल्ली सरकार ने 2026-2030 के लिए नई EV पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी किया है। जानिए सब्सिडी, रोड टैक्स छूट, ई-कार, ई-बाइक, स्कूल बस, चार्जिंग स्टेशन और स्क्रैप प्रोत्साहन से जुड़ी सभी बड़ी बातें।
दिल्ली की नई EV पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी, अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलेंगी बड़ी राहतें
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दिल्ली सरकार ने 2026 से 2030 तक के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी किया है।

इस नीति का मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देना, हवा की गुणवत्ता सुधारना और साफ ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना है।
सरकार का मानना है कि राजधानी में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए अब ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बड़ा बदलाव जरूरी है।

ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि यह नीति स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण के अधिकार से प्रेरित है।
इसके साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम और न्यायिक फैसलों का भी आधार लिया गया है।
यानी यह पॉलिसी सिर्फ प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि कानूनी और पर्यावरणीय सोच से जुड़ी हुई दिखाई देती है।

प्रदूषण में वाहनों की कितनी भूमिका

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में सर्दियों के दौरान 23 प्रतिशत प्रदूषण के लिए वाहन जिम्मेदार हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुल वाहनों में करीब 67 प्रतिशत हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है, इसलिए इन्हें तेजी से इलेक्ट्रिक में बदलना बेहद जरूरी माना गया है।
इसके अलावा तीन पहिया, कमर्शियल कार और छोटे मालवाहक वाहन भी ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वर्गों में गिने गए हैं।

यही वजह है कि नई पॉलिसी में सबसे ज्यादा जोर उन्हीं वाहन वर्गों पर दिखता है, जो सड़कों पर संख्या में ज्यादा हैं और उत्सर्जन में बड़ा योगदान देते हैं।
सरकार साफ संकेत दे रही है कि आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल मॉडल की जगह ईवी को प्राथमिकता दी जाएगी।

किसे कितनी सब्सिडी मिलेगी

सरकार ईवी खरीदने पर सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए सब्सिडी देने की बात कर रही है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर पहले साल 10,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 30,000 रुपये तक, दूसरे साल अधिकतम 20,000 रुपये तक और तीसरे साल अधिकतम 10,000 रुपये तक की सहायता का प्रस्ताव है।
ई-ऑटो के लिए पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये तक की मदद का प्रावधान रखा गया है।

छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक यानी N1 श्रेणी के लिए पहले साल 1 लाख रुपये, दूसरे साल 75,000 रुपये और तीसरे साल 50,000 रुपये तक लाभ देने की बात कही गई है।
अगर कोई पुरानी BS-IV या उससे नीचे की गाड़ी स्क्रैप करता है, तो अलग से प्रोत्साहन भी मिलेगा।
दोपहिया पर 10,000 रुपये, तीन पहिया पर 25,000 रुपये, 30 लाख तक की कार पर 1 लाख रुपये और N1 ट्रक पर 50,000 रुपये तक प्रोत्साहन का प्रस्ताव है।

टैक्स छूट और चार्जिंग नेटवर्क

दिल्ली में रजिस्ट्रेशन कराने पर सभी ईवी को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट देने की बात कही गई है।
30
लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को पूरी छूट मिलेगी, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों को 50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव है।
30
लाख रुपये से ऊपर की कारों को इस राहत के दायरे से बाहर रखा गया है।

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा।
यह एजेंसी प्लानिंग, लोकेशन तय करने और बिजली उपलब्ध कराने का काम देखेगी, साथ ही एक डिजिटल पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया जाएगा।
वाहन निर्माता कंपनियों को हर डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना होगा।

2027 और 2028 से बड़े बदलाव

ड्राफ्ट के अनुसार 1 जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तीन पहिया ही रजिस्टर होंगे।
इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया रजिस्टर किए जाएंगे।
स्कूल बसों में भी ईवी का हिस्सा बढ़ाना अनिवार्य होगा, जिसमें पहले दो साल 10 प्रतिशत, तीसरे साल 20 प्रतिशत और 2030 तक 30 प्रतिशत लक्ष्य रखा गया है।

सरकारी विभागों में नई खरीदी जाने वाली सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी और दिल्ली परिवहन निगम की नई बसें भी ईवी होंगी।
डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों को 2026 से पेट्रोल-डीजल वाहनों को अपने बेड़े में शामिल करने से रोका जाएगा।
कुल मिलाकर यह ड्राफ्ट सिर्फ सब्सिडी योजना नहीं, बल्कि दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक दिशा में मोड़ने का बड़ा रोडमैप दिखता है।  

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