ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आपराधिक और संदिग्ध नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे कुछ लोगों के संपर्क में था और दिल्ली-एनसीआर में कई गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया। जांच अभी जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
धार्मिक नेताओं और संवेदनशील इलाकों पर थी नजर
स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर के कई धार्मिक नेता इस नेटवर्क के निशाने पर थे। आरोप है कि उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जांच एजेंसियों को यह भी संकेत मिले हैं कि दिल्ली के कुछ घनी आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों की भी रेकी की गई थी। पुलिस का मानना है कि इन स्थानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर विदेश में बैठे संपर्कों को भेजे जा रहे थे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन धार्मिक नेताओं और स्थानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
पाकिस्तान से जुड़े तार
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान में मौजूद शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुर्जर के निर्देश पर काम कर रहा था। जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य पंजाब सीमा के रास्ते पाकिस्तान से भेजे गए अवैध हथियार, कारतूस और नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करते थे। इसके बाद इन्हें दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस का दावा है कि सीमा पार से कई बार ड्रोन के जरिए भी अवैध सामान भारत भेजा गया।
हथियार और कारतूस बरामद
कार्रवाई के दौरान स्पेशल सेल ने आरोपियों के कब्जे से पांच पिस्तौल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है। पुलिस इन बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी करवा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाने का आरोप
जांच में एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था।युवाओं को कम समय में ज्यादा पैसा कमाने, लग्जरी जीवनशैली और अपराध की दुनिया की चमक-दमक दिखाकर प्रभावित किया जाता था। जब वे इनके संपर्क में आ जाते थे तो धीरे-धीरे उन्हें गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता था। पुलिस का कहना है कि कई युवाओं से हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की सप्लाई और अन्य अवैध काम करवाए जा रहे थे।
एक गिरफ्तारी से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, मई 2026 में उन्हें सूचना मिली थी कि दिल्ली-एनसीआर में बड़ी आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने मोहित उर्फ योगी नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से अवैध हथियार बरामद किए गए। पूछताछ और डिजिटल जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले, जिनसे पाकिस्तान में बैठे लोगों से उसके संपर्क की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, अवैध हथियार रखने और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में पहले भी मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को संगठित अपराध से जुड़े बड़े गिरोह के रूप में भी देख रही हैं।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच का फोकस उन लोगों पर भी है जो हथियारों की सप्लाई, आर्थिक मदद और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराते थे। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार कथित तौर पर सीमा पार तक जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। धार्मिक नेताओं की रेकी, अवैध हथियारों की तस्करी और युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेलने जैसे आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है। हालांकि कई पहलुओं की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी, लेकिन पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है।
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