ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आरोप लगाया है कि कई परीक्षा केंद्रों पर हिंदू अभ्यर्थियों के साथ धार्मिक आधार पर अलग व्यवहार किया गया। संगठन का दावा है कि हिंदू छात्रों को कलावा और साधारण धार्मिक माला पहनकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि मुस्लिम छात्राओं को हिजाब और बुर्का पहनने की इजाजत मिली। हालांकि, इस संबंध में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
20 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा
पेपर लीक के बाद आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम में देशभर के 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद ड्रेस कोड को लेकर विवाद शुरू हो गया।
VHP ने लगाए भेदभाव के आरोप
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि कई परीक्षा केंद्रों पर हिंदू अभ्यर्थियों को धार्मिक प्रतीक जैसे कलावा और साधारण माला पहनने से रोका गया। वहीं, उनका दावा है कि मुस्लिम छात्राओं को हिजाब और बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई। उन्होंने इसे समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।
NTA से मांगा स्पष्टीकरण
विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए परीक्षा के सफल आयोजन के लिए NTA को बधाई दी, लेकिन साथ ही एजेंसी से यह स्पष्ट करने की मांग की कि परीक्षा केंद्रों पर ड्रेस कोड के नियम क्या थे। उन्होंने पूछा कि यदि हिंदू छात्रों के धार्मिक प्रतीकों पर रोक थी, तो मुस्लिम छात्राओं के हिजाब और बुर्का को किस नियम के तहत अनुमति दी गई। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर लागू ड्रेस कोड की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की।
NTA की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल NTA ने VHP के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर ड्रेस कोड को लेकर क्या निर्देश दिए गए थे और क्या किसी केंद्र पर स्थानीय स्तर पर अलग व्यवस्था अपनाई गई थी। ऐसे में अब सभी की नजर NTA के आधिकारिक स्पष्टीकरण और संभावित जांच पर बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला?
NEET UG 2026 की मूल परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद रविवार को देशभर में पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के बाद VHP ने धार्मिक प्रतीकों को लेकर कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया।
NEET UG 2026 री-एग्जाम के बाद सामने आया यह विवाद अब परीक्षा व्यवस्था और ड्रेस कोड के नियमों पर सवाल खड़े कर रहा है। VHP ने जांच और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है, जबकि NTA की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच या स्पष्टीकरण के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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