पीरागढ़ी केस में नया मोड़: कार में 3 शव, CCTV में दिखे ‘बाबा’ को पुलिस ने किया ट्रेस
पीरागढ़ी इलाके में एक कार से तीन शव मिलने के मामले में पुलिस ने CCTV में ‘बाबा’ के वेश में दिखे व्यक्ति को ट्रेस किया है; जहर, शराब और साजिश समेत कई एंगल से जांच जारी है।
पीरागढ़ी केस में नया मोड़: कार में 3 शव, CCTV में दिखे ‘बाबा’ को पुलिस ने किया ट्रेस
  • Category: दिल्ली NCR

दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने से हड़कंप मच गया।

शुरुआत में इसे “सुसाइड पैक्ट” (एक साथ आत्महत्या) के शक से देखा गया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो एक “बाबा” के वेश में दिखे व्यक्ति की भूमिका ने केस को और उलझा दिया।
पुलिस ने बताया कि जिस व्यक्ति को सीसीटीवी फुटेज में कार में ‘बाबा’ के रूप में बैठा देखा गया था, उसे ट्रेस कर लिया गया है और अब उसे इस केस की “की लिंक” माना जा रहा है।

इस तरह के मामलों में सबसे मुश्किल बात यह होती है कि बाहर से सब कुछ “एक जैसा” दिखता है—कार बंद, लोग अंदर, और कोई रिस्पॉन्स नहीं।
लेकिन असल कहानी अक्सर पीछे छूटे छोटे-छोटे संकेतों में छिपी होती है: कौन कब मिला, किससे बात हुई, क्या पीया गया, और कार वहां तक कैसे पहुंची।
इसी वजह से पुलिस अब सिर्फ एक एंगल पर नहीं, कई एंगल से इस पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है।


पीसीआर कॉल से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर करीब 3:50 बजे पीसीआर कॉल आई।
कॉलर ने बताया कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन लोग बैठे हैं, लेकिन वे कोई जवाब नहीं दे रहे।
टीम जब मौके पर पहुंची तो कार के अंदर तीनों लोग मृत पाए गए, कार के दरवाजे लॉक थे और बताया गया कि कार करीब 50 मिनट से वहीं खड़ी थी।

कई बार ऐसे मामलों में लोग तुरंत यह सोच लेते हैं कि “कुछ देर में सब ठीक हो जाएगा,” लेकिन जब कोई अंदर से प्रतिक्रिया न दे, तो शक गहरा हो जाता है।
यहां भी वही हुआ—कॉल आई, पुलिस पहुंची, और फिर एक साथ तीन मौतों की खबर सामने आ गई।
अब बड़ा सवाल यह है कि यह मौतें अचानक हुईं या किसी योजना के तहत, और अगर योजना थी तो उसके पीछे कौन-कौन था।


मृतकों की पहचान और आपसी कनेक्शन

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रणधीर, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी के रूप में हुई।
रणधीर और शिव नरेश बापरोला के रहने वाले थे, जबकि लक्ष्मी देवी जहांगीरपुरी की रहने वाली थीं और मूल रूप से बिहार की बताई गई हैं।
पुलिस ने बताया कि रणधीर ड्राइवर सीट पर थे, जबकि शिव नरेश और लक्ष्मी पीछे की सीट पर बैठे थे, और यह कार रणधीर की थी।

जांच को जटिल बनाने वाली बात यह है कि रणधीर और शिव नरेश एक-दूसरे को लगभग छह साल से जानते थे और प्रॉपर्टी से जुड़े काम में पार्टनर थे।
दोनों परिवार एक-दूसरे को जानते-पहचानते थे, लेकिन पुलिस के मुताबिक दोनों परिवार के लोग लक्ष्मी को नहीं जानते थे।
यही “अनजान महिला का साथ होना” वाला बिंदु पुलिस के लिए भी बड़ा सवाल बन गया है।


कार के अंदर क्या मिला: शराब की बोतलें और ग्लास

पुलिस ने बताया कि तीनों शवों के पास से तीन शराब की बोतलें और तीन इस्तेमाल किए हुए डिस्पोजेबल ग्लास मिले हैं।
इसके अलावा शिव नरेश और लक्ष्मी के मुंह से उल्टी निकली हुई पाई गई।
शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी और संभावना बताई गई कि तीनों ने जहर मिला सॉफ्ट ड्रिंक पीया हो सकता है।

यहां यह समझना जरूरी है कि शराब की मौजूदगी अपने आप में किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाती, लेकिन यह जरूर बताती है कि मौत से पहले किसी तरह का सेवन हुआ।
उल्टी का मिलना भी एक संकेत है कि शरीर में कुछ ऐसा गया हो सकता है जो नुकसानदेह था।
इसीलिए पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत का कारण जहर था, कोई और पदार्थ था, या फिर यह मामला किसी साजिश की तरफ जाता है।


CCTV में दिखा ‘बाबा’: पुलिस किस दिशा में बढ़ रही है

पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन ‘बाबा’ कार की फ्रंट पैसेंजर सीट पर बैठा था और उसने तीनों से बातचीत की थी।
यह भी कहा गया कि मृतक पहले से उस संदिग्ध ‘बाबा’ के संपर्क में थे और वह इन लोगों से अक्सर मिलता रहता था।
अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ‘बाबा’ की भूमिका क्या थी—क्या वह सिर्फ मिलने आया था, या उसने किसी तरह का दबाव/उकसावा/योजना बनाई।

ऐसे मामलों में “किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी” केस को तुरंत दूसरी दिशा में ले जाती है।
क्योंकि अगर तीनों ने मिलकर जान देने का फैसला किया होता, तो सवाल उठता है कि फिर ‘बाबा’ वहां क्यों था, और वह बाद में कहां गया।
पुलिस के लिए यही “टाइमलाइन” सबसे अहम है—कौन कब कार में आया, कितनी देर रहा, और उसके बाद क्या हुआ।


लक्ष्मी देवी की निजी जिंदगी से जुड़े एंगल

सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि लक्ष्मी देवी ने दो शादियां कर रखी थीं—एक पति बिहार में रहता है और दूसरे के साथ वह दिल्ली में रहती थी।
यह जानकारी केस को और पेचीदा बना देती है, क्योंकि अब जांच में रिश्तों, संपर्कों और संभावित तनाव/विवाद जैसे एंगल भी जुड़ जाते हैं।
पुलिस ऐसे मामलों में आमतौर पर यह भी देखती है कि क्या कोई पारिवारिक विवाद, आर्थिक दबाव, ब्लैकमेल या धोखाधड़ी जैसी कोई बात तो नहीं थी।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी की निजी जिंदगी की जानकारी सिर्फ “सनसनी” नहीं होती; जांच में इसका मतलब होता है “किस-किस का संपर्क था” और “कौन-कौन प्रभावित हो सकता है।”
फोन कॉल, मैसेज और मुलाकातों की कड़ी अक्सर इसी हिस्से से खुलती है।


पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने बताया कि वह फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत की सही वजह पता चल सके।
अधिकारी के मुताबिक प्रथम दृष्टया मौत जहर लेने से हुई लगती है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा।
जांचकर्ता जहर या किसी “फाउल प्ले” (गलत काम/साजिश) की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे।

यही वह स्टेज है जहां एक केस “मान लिया गया निष्कर्ष” नहीं, बल्कि “सबूतों पर आधारित फैसला” मांगता है।
फोरेंसिक यह बताएगा कि शरीर में क्या गया था, कितनी मात्रा में, और कब।
और पोस्टमार्टम से यह भी पता चलेगा कि मौत किस तरह हुई—जिससे जांच को सही दिशा मिलती है।


मोबाइल फोन जब्त, रूट के CCTV खंगाले जा रहे

पुलिस ने बताया कि तीनों मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और कॉल रिकॉर्ड, मैसेज व चैट की जांच की जा रही है।
इसके साथ ही कार के रूट के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम को दोबारा जोड़ा जा सके।
यानी पुलिस अब “डिजिटल ट्रेल” और “विजुअल ट्रेल” दोनों से केस की टाइमलाइन बनाने में जुटी है।

आज के समय में ज्यादातर मामलों में फोन ही सबसे बड़ा गवाह बनता है—किससे बात हुई, किस लोकेशन पर थे, किसके साथ मिले।
अगर ‘बाबा’ सच में अक्सर मिलता था, तो चैट और कॉल में उसके संकेत मिल सकते हैं।
और अगर कोई साजिश थी, तो पैसों का लेन-देन, लोकेशन हिस्ट्री और आखिरी बातचीत भी कई बातें खोल सकती है।


परिवार आत्महत्या मानने को तैयार नहीं

रणधीर के परिवार ने आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज किया है।
रणधीर की बेटी सविता ने बताया कि उनके पिता सुबह सामान्य हालत में घर से निकले थे और फोन पर बोले थे कि वे खेत में हैं, बाद में लौटेंगे—कोई परेशानी नहीं लगी।
परिवार का कहना है कि रणधीर हंसमुख थे, उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी और उन्हें नहीं लगता कि यह आत्महत्या का मामला है।

परिवार की बात इस केस में एक और सवाल जोड़ती है: अगर आत्महत्या थी, तो क्या कोई ऐसी बात थी जो परिवार को पता नहीं थी?
और अगर आत्महत्या नहीं थी, तो फिर तीनों को एक ही कार में, बंद हालत में, इस स्थिति तक कौन लेकर पहुंचा?
इन सवालों के जवाब अब रिपोर्ट, डिजिटल सबूत और ‘बाबा’ की पूछताछ से ही निकलेंगे।

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Related To this topic
Link copied to clipboard!

Watch Now

YouTube Video
Newsest | 22h ago
CJP Protest Ground Report | जंतर मंतर से संसद मार्च में क्या हुआ? Protesters से Exclusive बातचीत
YouTube Video
Newsest | 2d ago
ब्रिजेश सिंह की सच्ची कहानी: मुख्तार अंसारी का सबसे बड़ा दुश्मन | Purvanchal Mafia Don (Full Story)
YouTube Video
Newsest | 3d ago
नोएडा ममूरा आग हादसा | Fire Department, Authority और Safety System पर बड़े सवाल
YouTube Video
Newsest | 4d ago
राजा भैया की पूरी कहानी: पोटा से पत्नी के केस तक | कुंडा का अजेय बाहुबली!
YouTube Video
Newsest | 6d ago
क्या 3 अगस्त 2026 को जेल जाएंगे बृजभूषण? बाहुबल से पहलवानों के दंगल तक का पूरा सच!
YouTube Video
Newsest | 10d ago
डूब गया Noida Sector 19! मानसून में Smart City का ये हाल क्यों?
YouTube Video
Newsest | 14d ago
देश की शिक्षा व्यवस्था फेल? जंतर मंतर से Ground Report | #cjp #jantarmantar
YouTube Video
Newsest | 14d ago
स्मार्ट सिटी या डूबता शहर? Noida Sector 49 & Baraula ग्राउण्ड रिपोर्ट| #sector49 #Baraula
YouTube Video
Newsest | 18d ago
Ram Mandir Donation Theft: 10 दिनों में 70 चोरियां और चंपत राय का इस्तीफा!
YouTube Video
Newsest | 19d ago
क्या E20 पेट्रोल बर्बाद कर रहा है आपकी गाड़ी? Ethanol | E20 | Ground Report
YouTube Video
Newsest | 25d ago
Noida Sec 82 Bus Terminal: ₹158 करोड़ की बर्बादी या मास्टरप्लान? अब बनेगा Startups का नया हब!
YouTube Video
Newsest | 26d ago
OTT के दौर में खत्म हो रहा है Traditional Cinema? | Ravi Khanvilkar Exclusive । #NSD
YouTube Video
Newsest | 26d ago
72 Vs 40,000?! Karbala की ये कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी! | Karbala Ka Waqia । #Muharram2026
YouTube Video
Newsest | 27d ago
कागज़ के नोट बंद? RBI का 6,373 करोड़ का मास्टरप्लान! | Plastic Money in India Explained
YouTube Video
Newsest | 28d ago
UP Politics Exploded: क्या SP के 26 सांसद छोड़ेंगे अखिलेश का साथ?