ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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देश की राजधानी दिल्ली को नया उपराज्यपाल मिल गया है। वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में पदभार संभाल लिया। उन्होंने राज निवास में आयोजित एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। शपथ ग्रहण समारोह में कई केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
समारोह में कई बड़े नेता रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेताओं ने भी हिस्सा लिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कॉर्पोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा कार्यक्रम में पहुंचे।
इसके अलावा दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों के कई सांसद और विधायक भी इस अवसर पर मौजूद रहे। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ दिल्ली हाई कोर्ट के कई न्यायाधीश, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक भी इस समारोह के गवाह बने।
कई देशों के राजनयिक भी पहुंचे
इस समारोह की खास बात यह रही कि इसमें कई देशों के राजनयिक भी शामिल हुए। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश सहित कई देशों के राजदूत और उच्चायुक्त कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में कूटनीतिक समुदाय के सदस्य भी इस ऐतिहासिक मौके पर उपस्थित रहे। इससे यह साफ होता है कि तरनजीत सिंह संधू की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छी पहचान और सम्मान है।
दिल्ली के विकास के लिए मिलकर करेंगे काम
शपथ लेने के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य दिल्ली के विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार, दिल्ली सरकार, पड़ोसी राज्यों की सरकारों और दिल्ली की जनता के साथ मिलकर काम करेंगे। संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित दिल्ली और विकसित भारत के सपने को साकार करना उनकी प्राथमिकता होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली एक बड़ा और महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए यहां की समस्याओं को हल करने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का जताया आभार
तरनजीत सिंह संधू ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है और वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का प्रयास करेंगे।
राजघाट और धार्मिक स्थलों पर किया नमन
शपथ ग्रहण समारोह के बाद संधू राजघाट पहुंचे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब जाकर मत्था टेका। इसके साथ ही उन्होंने कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भी दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
अनुभवी राजनयिक रहे हैं तरनजीत सिंह संधू
तरनजीत सिंह संधू भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने लंबे कूटनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।वह अमेरिका में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
विदेश नीति और प्रशासन में उनके अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि दिल्ली के प्रशासन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
दिल्ली में LG का पद क्यों है महत्वपूर्ण
दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण यहां उपराज्यपाल का पद काफी अहम माना जाता है। इस पद की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं होती, बल्कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तालमेल बनाए रखना भी इसकी बड़ी जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनता से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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