ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
बेसमेंट से तीसरी मंजिल तक फैली आग
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग करीब 350 वर्ग गज में बने एक भवन के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन मंजिलों तक फैल गई थी। इमारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम संचालित होता था, जहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान, बिजली के उपकरण, फर्नीचर और अन्य सामग्री रखी हुई थी। आग की वजह से भवन में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया।
कई घंटे चला रेस्क्यू और बुझाने का अभियान
दमकल विभाग ने बताया कि आग बुझाने का अभियान कई घंटों तक चला। आखिरकार सुबह करीब 6:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इसके बाद टीम ने कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया, ताकि आग दोबारा न भड़क सके। सुबह 7:05 बजे तक किसी भी व्यक्ति के घायल या मृत होने की सूचना नहीं मिली थी।
आग लगने की वजह की होगी जांच
दिल्ली फायर सर्विस के डिविजनल फायर ऑफिसर राजिंदर अटवाल ने बताया कि फिलहाल आग पर लगभग पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। अब विशेषज्ञ टीम आग लगने के कारणों की जांच करेगी। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का अंतिम आकलन किया जाएगा।
हाल के महीनों में बढ़ीं आग की घटनाएं
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में आग लगने की घटनाओं में तेजी देखने को मिली है। कई हादसों में लोगों की जान गई और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ।
दिल्ली में हाल के प्रमुख अग्निकांडों में शामिल हैं:
• मालवीय नगर होटल हादसा, जहां आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और फायर सेफ्टी में खामियां सामने आई थीं।
• पालम (साध नगर) आग हादसा, जिसमें एक मकान में आग लगने से 9 लोगों की जान चली गई थी।
• तुगलकाबाद एक्सटेंशन आग मामला, जहां जांच में पता चला कि आग जानबूझकर लगाई गई थी और पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
बार-बार आग लगने के पीछे क्या हैं कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी इलाकों में आग लगने की घटनाओं के पीछे कई सामान्य वजहें सामने आती हैं:
• शॉर्ट सर्किट और ओवरलोड बिजली की वायरिंग
• पुराने या क्षतिग्रस्त बिजली के तार
• एसी, इनवर्टर और भारी विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से वायरिंग का गर्म होना
• फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम का ठीक से काम न करना
• इमरजेंसी निकासी मार्गों का अवरुद्ध या संकरा होना
• व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन न होना
• समय-समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट और विद्युत निरीक्षण का अभाव
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है और कूलिंग ऑपरेशन पूरा किया जा रहा है। आग लगने की वास्तविक वजह और कुल नुकसान का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!