ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत कुल 8 युद्ध खत्म कराए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रयासों से करोड़ों लोगों की जान बची। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद उनसे कहा था कि उन्होंने 30 से 50 मिलियन (करीब 3 से 5 करोड़) लोगों की जान बचाई है। ट्रंप ने यह बयान दो बार दोहराया, जिससे यह साफ है कि वह इस दावे को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखे।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को उन्होंने शांत कराया। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा दावा किया है। इससे पहले भी कई मौकों पर वह यह बात दोहरा चुके हैं। लेकिन भारत सरकार इस दावे को पहले ही खारिज कर चुकी है। भारत का साफ कहना है कि उसके फैसले पूरी तरह स्वतंत्र और राष्ट्रीय हित में होते हैं, किसी बाहरी दबाव में नहीं।
‘एक और युद्ध खत्म करना है’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि अभी एक और युद्ध खत्म करना बाकी है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस युद्ध की बात कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ईरान के साथ जारी संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध या किसी अन्य वैश्विक तनाव की ओर इशारा हो सकता है। फिलहाल मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस समय बढ़ गया था, जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जो तीन दिन तक चला। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर आतंकियों को निशाना बनाया था। ट्रंप ने इसी घटनाक्रम को लेकर दावा किया कि उन्होंने इस संघर्ष को खत्म कराने में भूमिका निभाई, जबकि भारत इस बात से इनकार करता रहा है।
NATO सहयोगियों पर ट्रंप की नाराजगी
ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ जंग में कई देशों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। उन्होंने दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया का नाम लेते हुए कहा कि इन देशों ने मदद नहीं की, जबकि अमेरिका ने उनकी सुरक्षा के लिए हजारों सैनिक तैनात किए हुए हैं।ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अपने सहयोगियों की रक्षा करता है, लेकिन बदले में उसे वैसा समर्थन नहीं मिलता।
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर फिर जताई नाराजगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए अफसोस जताया कि उन्हें यह सम्मान अब तक नहीं मिला। उनका कहना था कि इतने बड़े स्तर पर संघर्ष खत्म कराने के बावजूद उन्हें वह मान्यता नहीं दी गई, जिसके वह हकदार हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ वह खुद को शांति स्थापित करने वाला नेता बता रहे हैं, वहीं भारत जैसे देश उनके दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक संघर्षों के बीच ऐसे बयान आने वाले समय में कूटनीतिक रिश्तों को और प्रभावित कर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि ट्रंप के ये दावे सिर्फ बयानबाजी हैं या इसके पीछे कोई ठोस कूटनीतिक आधार भी है।
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