ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय गंभीर स्थिति पर चर्चा करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। पीएम मोदी ने इस दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
बातचीत में शांति और कूटनीति की अपील
पीएम मोदी ने बातचीत में कहा कि भारत शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध है और सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति अपनाने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट के संकट से उत्पन्न हालातों का असर भारतीय नागरिकों और अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम हो।
एलपीजी संकट और देश में पैनिक की स्थिति
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार पर असर साफ दिखने लगा है। भारत में कुछ राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने संसद में कहा कि देश में काफी मात्रा में गैस उपलब्ध है और पैनिक करने की कोई जरूरत नहीं।
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग एलपीजी को लेकर पैनिक क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 140 करोड़ भारतीयों के सहयोग से भारत इस संकट से भी निपट जाएगा, जैसे कोविड के समय किया गया था।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले लगभग 28 भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ संपर्क में है। ईरान ने पिछले चार-पांच दिनों में किसी भी कमर्शियल टैंकर को होर्मुज रूट से गुजरने की इजाजत नहीं दी।
शिपिंग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पश्चिम होर्मुज में 24 जहाज 677 भारतीय नाविकों के साथ मौजूद हैं, जबकि पूर्व होर्मुज में 4 जहाज 101 नाविकों के साथ तैनात हैं।
विदेश मंत्रालय की सक्रिय भूमिका
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हाल के दिनों में विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच तीन बार बातचीत हुई है। इन वार्ताओं में शिपिंग सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई।
मिडिल ईस्ट के संकट और एलपीजी आपूर्ति पर चिंता बढ़ने के बीच, पीएम मोदी की यह बातचीत भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि इस संकट से निपटने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
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